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पति व पुत्र ने लकवाग्रस्त वृद्धा को मंदिर में छोडा, पता पडऩे पर भाई ले गया वृद्ध बहन को अपने साथ

वृद्धा के पीहर से आए भाई ने बहन की सार-सम्भाल की। बाद में वह उसे उसके ससुराल परासिया गांव ले गया।  
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 23 Nov 2017, 8:38 AM IST

देवली. वृद्धा के पीहर से आए भाई ने बहन की सार-सम्भाल की। बाद में वह उसे उसके ससुराल परासिया गांव ले गया।

देवली. वृद्धा के पीहर से आए भाई ने बहन की सार-सम्भाल की। बाद में वह उसे उसके ससुराल परासिया गांव ले गया।

देवली. क्षेत्र के सिरोही स्थित देहलवाल मन्दिर में एक माह से बेसहारा पड़ी वृद्धा के लिए बुधवार का दिन खुशियों भरा रहा। वृद्धा के पीहर से आए भाई ने बहन की सार-सम्भाल की। बाद में वह उसे उसके ससुराल परासिया गांव ले गया। ये सब हुआ पत्रिका में प्रकाशित खबर के बाद।

पत्रिका ने 22 नवम्बर के अंक में ‘लकवाग्रस्त वृद्धा को अकेला छोड़ गए परिजन’ शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया था। इसके बाद मालपुरा उपखण्ड के गणेशपुरा गांव निवासी वृद्धा के भाई कालूराम जाट दिल पसीज गया। वह परिजनों के साथ मन्दिर आया तथा अपनी बहन को कार में साथ ले गया।


दरअसल में वृद्धा शायर देवी पत्नी चतुर्भज निवासी परासिया को एक माह पूर्व उसके परिजन देहलवाल मन्दिर में उपचार के लिए लाए थे। कुछ दिन रहने के बाद परिजन उसे बेसहारा छोड़ गए थे। पत्रिका में खबर के प्रकाशन के बाद लोगों ने इसकी जानकारी भाई को दी थी।

कालूराम ने बताया कि वे बहन को परासिया ले जा रहे हैं तथा उसका उपचार भी कराएंगे। इस दौरान मन्दिर में ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने वृद्धा व परिजनों के बीच सेतु बने पत्रिका की प्रशंसा की।


उल्लेखनीय है कि लकवा ग्रस्त 60 वर्षीय महिला को परिजन सिरोही स्थित देहलवाल मन्दिर परिसर में बेसहारा स्थिति में छोडकऱ चले गए थे। वृद्धा एक माह से यहां बेसहारा व असहाय स्थिति में दिन गुजार रही थी। उसे कमर के नीचे के हिस्से में लकवा है।

इसके चलते वह पूरे दिन चारपाई पर ही लेटी रहती है। शौच आदि भी महिला चारपाई पर ही कर रही है। ऐसे में मन्दिर समिति के लोग, ग्रामीण व श्रद्धालु के दिए हुए भोजन से महिला का काम चल रहा था। रोग से परेशान व असहाय स्थिति होने के चलते महिला दिनभर रोती रहती है।

एक माह पूर्व महिला का पति व पुत्र लकवे के उपचार के लिए मन्दिर आए थे। जहां वे करीब एक सप्ताह रहे। इसके बाद वे उसे अकेला छोडकऱ चले गए।
रोग का सही उपचार नहीं मिलने से उसकी शारीरिक स्थिति गिरती जा रही है। ऐसे में मन्दिर समिति व ग्रामीण परेशान हैं। उन्होंने बताया कि परिजनों को इसकी सूचना देने को लेकर ग्रामीणों ने देवली पुलिस को जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने मामले में पल्ला झाड़ लिया।