हमारा वाहन टोंक की ओर बढ़ता गया और जा पहुंचे टोंक जिला कलक्ट्रेट...। यहां जिला मुख्यालय के अब तक रेल नेटवर्क से नहीं जुडऩे का लोगों का दर्द सामने आया। टोंक का नमदा, आरी-तारी और बीड़ी उद्योग अब धीरे-धीरे मंद होता जा रहा है। देशभर में पहचान रखने वाले और अमरीका सहित कई देशों में निर्यात होने वाले नमदा की एक फैक्ट्री पहुंचे। टोंक के बहीर और रामद्वारा क्षेत्र के पास अब्दुल हफीज की फैक्ट्री पर पहुंचे तो उन्होंने कहा कि पहले छोटे-बड़े करीब 60-70 नमदा कारखाने थे। जो अब घटकर 15 से भी कम रह गए हैं। सरकार की ओर से कोई सुविधाएं नहीं मिलती। स्थानीय निवासी ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि नमदा और बीड़ी उद्योग यहां का पुश्तैनी कामकाज रहा है, लेकिन औद्योगिक विकास में यह क्षेत्र पिछडकऱ रह गया है। टोंक रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अकबर खान ने कहा कि जब तक यह क्षेत्र रेल नेटवर्क से नहीं जुड़ेगा, तब तक यहां की समस्याएं जस की तस रहने वाली हैं। स्थानीय लोगों ने टोंक को जयपुर संभाग में लाने की बात भी कही।