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जिम्मेदारों ने फेरी आंखे, ग्रामीणों ने उठाया बीड़ा

टोंक. शिक्षा विभाग व जनप्रतिनिधियों ने समस्या के प्रति अनदेखी की तो ग्रामीणों ने खुद पहल कर टपकते कक्षा-कक्ष की मरम्मत करा ली।
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टोंक

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Vijay Kumar Jain

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Updated: 8 Aug 2018, 11:44 AM IST

निर्माण

टोंक के मालियो की झोपडिय़ा विद्यालय चबूतरे का निर्माण में लगे श्रमिक।

टोंक. मेहंदवास क्षेत्र के मालियों की झोपडिय़ा गांव के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में गत दिनों बारिश में टपके कक्षा-कक्षों की छत से चिंतित ग्रामीणों ने बैठक आयोजित कर विद्यालय मरम्मत का बीड़ा उठाया। इसके बाद घर-घर से राशि एकत्र की गई। ग्रामीणों को इसके लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई प्रधानाध्यापक अनिल कुमार मीणा, वरिष्ठ शिक्षक महेन्द्रसिंह, बद्रीलाल सैनी व शारीरिक शिक्षक रमेश गुर्जर ने। बस फिर क्या था ग्रामीणों ने सवा लाख रुपए से अधिक की राशि एकत्र कर पूरे विद्यालय की मरम्मत के साथ नई छत डलवा दी।


दर्जा फाइव स्टार, संसाधन नहीं पूरे
विद्यालय में 194 विद्यार्थियों का नामांकन होते हुए भी संसाधन अधूरे है। जबकि इस वर्ष बोर्ड परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहने पर निदेशालय ने विद्यालय को फाइव स्टार का दर्जा दिया है। शाला प्रभारी के मुताबिक दसवीं बोर्ड में 40 छात्रों में से 26 प्रथम व 14 द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण रहे है। उत्कृष्ट परिणाम रहने के बावजूद विद्यालय में ६ ही कक्षा-कक्ष है। जबकि कक्षाएं दस संचालित है। विद्यालय में प्रयोगशाला, पुस्तकालय व कम्प्यूटर कक्ष का अभाव है। इसके साथ ही खेल मैदान व विद्यालय की चारदीवारी किए जाने की ओर आवश्यकता है।


कराया अवगत, नहीं दिया ध्यान
वर्ष 2009 में माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत हुए विद्यालय भवन की वास्तविक स्थिति को लेकर भरे जाने वाले यू-डाइस के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। जबकि भवन व अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रतिवर्ष यू-डाइस प्रपत्र भरा जाता है। विद्यालय की ओर से स्थिति से अवगत कराने के बावजूद ध्यान नहीं दिए जाने पर ग्रामीणों को अपने स्तर पर आगे आना पड़ा।

पढ़ाई होती थी प्रभावित
विद्यालय भवन टपकने से बच्चें बारिश में पढ़ नहीं पा रहे थे। ग्रामीणों की पहल से अब पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। इसके साथ ही संसाधन बढ़े तो विद्यालय के ओर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
अशोककुमार मीणा, प्रधानाध्यापक, मालियों की झोपडिय़ा।

आरटीई पोर्टल 17 तक चालू
टोंक. आरटीई के प्रवेश के लिए विद्यार्थियों के डाटा पोर्टल पर सर्वर पर चढ़ाने के लिए पोर्टल को 17 अगस्त तक के लिए खोल दिया गया है। उल्लेखनीय है कि पोर्टल नहीं चलने के कारण स्कूल संचालक डाटा नहीं चढ़ा सके थे। स्कूल संचालकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पोर्टल चालू कराने की मांग की थी।

अन्नपूर्णा दूध योजना का औचक निरीक्षण किया

टोंक. जिले के प्रशासनिक व अन्य अधिकारियों ने मंगलवार को निर्धारित विद्यालयों में पहुंचकर मिडडेमील व अन्नपूर्णा दूध योजना का औचक निरीक्षण किया। हालांकि आ रहे अधिकारियों की पहले से जानकारी होने से अधिकतर विद्यालयों में व्यवस्थाएं ठीक व पोषाहारभी गुणवत्तापूर्ण होने की बात सामने आई।

उल्लेखनीय है कि प्रमुख शासन सचिव, शिक्षा एवं भाषा विभाग की ओर से जिले के चिह्नित अलग-अलग विद्यालयों व मदरसों में मंगलवार व बुधवार को पोषाहार व दूध योजना की औचक जांच के निर्देश दिए गएथे। इसके तहत जिला कलक्टर की ओर से अतिरिक्त जिला कलक्टर, जिला परिषद सीईओ, एसीईओ, उपखण्ड अधिकारी, जिला रसद अधिकारी, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी समेत अन्य जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई।

दूसरी ओर विद्यालय प्रभारियों को पहले से जांच को आ रहे अधिकारियों की जानकारी होने से अधिकतर विद्यालयों में पोषाहार व अन्य व्यवस्थाएं सुचारू मिली। देवली-भांची विद्यालय में पोषाहार जांचने पहुंचे डीईओ माध्यमिक खुशीराम रावत ने बताया कि पोषाहार की गुणवत्ता संतोषजनक थी। दूध योजना का दिन नहीं होने से गुणवत्ता की जांच नहीं की जा सकी।

इसी प्रकार उपखण्ड अधिकारी छोटूलाल शर्मा, ब्लॉक चिकित्साधिकारी डॉ. कमलेश चावला ने बताया कि विद्यालयों में पोषाहार व अन्य सभी व्यवस्थाएं सुचारू व श्रेष्ट मिली।