
गणेश चतुर्थी: मालपुरा में गणेश चतुर्थी पर 61 स्थानों पर होगी मूर्ति की स्थापना
मालपुरा. गणेश चतुर्थी Ganesh Chaturthi के अवसर पर सोमवार को कस्बे सहित सभी ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर गणेशजी की स्थापना की जाकर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। श्री गणपति महोत्सव समिति की ओर से शहर के 61 स्थानों पर एक साथ गणेशजी की स्थापना की जाएगी।
भगवान गणेशजी के जन्मोत्सव पर माणक चौक बाजार स्थित गणेश मन्दिर में सुबह विशेष पूजा-अर्चना के बाद 11बजें महाआरती, आकर्षक फूल बंगला व विशेष छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी। गणेश महोत्सव आयोजन समिति के केदार गुप्ता ने बताया कि सायंकाल गणेश मन्दिर में विशेष झांकियां सजाई जाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन।
बम्ब तालाब की पाल स्थित रिद्धी-सिद्धी विनायक मन्दिर में भी विशेष व आकर्षक झाकियां सजाई जाएगी। पुजारी राजेन्द्र पाण्डेता ने बताया कि मन्दिर प्रागंण मेंभजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। श्री गणपति महोत्सव समिति के एडवोकेट कृष्णकान्त जैन ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर शहर के प्रमुख स्थानों सहित कुल 6 1 स्थानों पर गणेशजी की स्थापना कर प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि समिति ने इस बार गणेश प्रतिमाओं की पूजा के दिनो में अन्य कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें जिसमें वृद्धजन सम्मान समारोह मुख्य रूप से शामिल है।
प्रथम पूज्य की पूजन की तैयारी
देवली। विहिप, बजरंग दल व गणेश महोत्सव समिति की ओर से मनाए जाने वाला दस दिवसीय गणेश महोत्सव सोमवार से शुरू होगा। इसके तहत पहले दिन सोमवार को गणेश चतुर्थी पर शहर में मुख्य प्रतिमा सहित सभी समाजों की गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली जाएगी।
महोत्सव समिति से जुड़े सुरेन्द्र डिडवानिया ने बताया कि इसे लेकर भगवान गणेश की एक मुख्य प्रतिमा व सभी समाजों की 40 छोटी प्रतिमाएं बंूदी से मंगवाई गई है। जिन्हें सुरक्षित स्थान पर रखवाया गया है। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी के दिन इन प्रतिमाओं की शहर में शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के मुख्य मार्गो से होकर कार्यक्रम स्थल दशहरा मैदान(अटल उद्यान)पहुंचेगी।
जहां प्रतिमाओं को विधिवत् पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम स्थल पर विराजमान किया जाएगा। महोत्सव के पहले दिन मीना राव युवा शक्ति संस्थान की ओर से भजन संध्या आयोजित होगी। इसके बाद प्रतिदिन सुन्दरकाण्ड पठन, डांडिया रास, खेलकूद प्रतियोगिता, पारम्परिक वेशभूषा, टेलेन्ट हंट, सामूहिक नृत्य(स्कूली विद्यार्थियों द्वारा),फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता, विराट कवि सम्मेलन, एकल नृत्य, महाआरती, छप्पन भोग व अनंत चतुदर्शी के दिन गणपति विसर्जन व शोभायात्रा होगी।
कार्यक्रम के बीच 6 सितम्बर को दही हाण्डी कार्यक्रम भी होगा। गौरतलब है कि हर वर्ष अनंत चतुदर्शी पर गणेश महोत्सव का समापन होता है। इसमें दर्जनों प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकालकर शाम को बोरड़ा स्थित बनास नदी में विसर्जन किया जाता है।
Published on:
01 Sept 2019 09:29 am
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