
Tonk Ring Road : टोंक. गहलोद पुल की ओर जा रहे रास्ते पर रिंग रोड का होना था मिलान। फोटो पत्रिका
Tonk Ring Road : टोंक शहर के भारी यातायात दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना की फाइल सरकारी स्तर पर अटक गई है। बजट घोषणा के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग ने परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की थी। बाद में उच्च स्तर से डीपीआर तैयार करने के बजाय विभागीय स्तर पर तकमीना बनाकर भेजने के निर्देश दिए गए। इसके तहत विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दिया लेकिन करीब चार माह बाद भी परियोजना को लेकर कोई निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में शहरवासियों को रिंग रोड के जरिए भारी यातायात से राहत मिलने की उम्मीद धूमिल होती नजर आ रही है।
कार्यालय मुख्य अभियंता (पथ) सार्वजनिक निर्माण विभाग जयपुर की ओर से 26 दिसंबर 2025 को जारी आदेश में अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के तहत प्रस्तावित रिंग रोड परियोजनाओं के संबंध में निर्देश दिए गए थे। कुछ परियोजनाओं के वित्तीय स्वीकृति प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजे गए थे।
वित्त विभाग की टिप्पणियों के बाद विभाग को अतिरिक्त जानकारी और आकलन तैयार करने के निर्देश मिले। इसके बाद मुख्य अभियंता पथ ने इन परियोजनाओं की डीपीआर के कार्यादेश जारी नहीं करने और पहले विभागीय स्तर पर तकमीना तैयार करने को कहा ताकि अनुमानित लागत के आधार पर वित्त विभाग की टिप्पणियों की पालना की जा सके।
टोंक में करीब 20 किलोमीटर लंबी रिंग रोड प्रस्तावित है। इसकी शुरुआत मेहगांव पक्का बंधा से होकर तारण, बाड़ा जेरे किला, लहन और मोलाईपुरा होते हुए बहीर तक निर्माण की योजना है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने डीपीआर तैयार कराने की तैयारी कर ली थी और इसके लिए कंसल्टेंसी को कायदिश भी जारी किए गए थे। परियोजना पूरी होने पर शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होने और परिवहन व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
रिंग रोड की घोषणा के बाद शहर में प्रस्तावित मार्ग और उसके आस-पास की जमीनों को लेकर बिल्डर्स और भू-स्वामियों ने रुचि दिखानी शुरू कर दी थी। लेकिन डीपीआर तैयार करने के आदेश निरस्त होने और परियोजना पर आगे कार्रवाई नहीं होने से उनमें मायूसी है। परियोजना की दिशा और आगे की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने से रिंग रोड के आसपास की जमीनों को लेकर बनी संभावनाओं पर भी असर पड़ रहा है।
राज्य सरकार ने प्रदेश के 11 शहरों में रिंग रोड निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की सहमति दी थी। इनमें बालोतरा, बांसवाड़ा, बाड़मेर, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, कोटपूतली, सिरोही और टोंक शामिल है।
रिंग रोड परियोजनाओं को आगे बढ़ाने से पहले विभाग ने चार प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है। इनमें निर्माण की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करनाए टोल आधारित बीओटी या पीपीपी मॉडल पर परियोजना की संभावना का आकलन करनाए ओडी सर्वे के आधार पर ट्रैफिक सेंसस कराना तथा भूमि अधिग्रहण, अनधिकृत कब्जों, न्यायालयीन स्थगन, लंबित वाद, उपयोगिता सेवाओं की शिफ्टिंग और वन भूमि से जुड़े मामलों पर विस्तृत टिप्पणीं देना शामिल है। परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता एच.एल. मीणा से संपर्क करने का प्रयास किया गयाए लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
Updated on:
12 Oct 2026 04:21 pm
Published on:
12 Oct 2026 04:20 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
