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दो विभागों की खींचतान में गहराया जल संकट, गौरवपथ निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन हुई थी क्षतिग्रस्त

गौरवपथ के निर्माण में दो विभागों के आपसी खींचतान में लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है।  
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 22 Mar 2018, 9:37 AM IST

पाइप लाइन

उनियारा में गौरवपथ की पुलिया बनने के बाद पुलिया को काटकर पाइप लाइन निकालने का प्रयास कर रहे जलदायकर्मी।

उनियारा. कस्बे में बने गौरवपथ के निर्माण में दो विभागों के आपसी खींचतान में लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार एक माह पूर्व खातोली गेट चुंंगी नाके से चामुण्डा मार्ग होते हुए गोड़ों की झौपडिय़ां के कोने तक गौरवपथ का निर्माण कराया गया।

इसमें चामुण्डा माता के यहां पुलिया का निर्माण भी शामिल था, लेकिन पुलिया के नीचे होकर निकल रही मुख्य पेयजल लाइन को पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने गौरवपथ निर्माण को लेकर लाइन बाहर निकलवाने की राशि जमा नहीं कराई तथा गौरवपथ का निर्माण कर दिया। जबकि जलदाय विभाग के सहायक अभियन्ता राजू दादलानी ने सहायक अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण विभाग को इस सम्बन्ध में पत्र भी जारी किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिया निर्माण होने के बाद पेयजल की मुख्य लाइन लीकेज हो गई। इससे कस्बे में आ रही लाइन में होकर पानी से लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब एक दूसरे की खींचतान में भी कोई काम नहीं होता दिखा। तब सहायक अभियन्ता जलदाय विभाग ने विभागीय ठेकेदार फकरूद्दीन को निर्देश देकर कनिष्ठ अभियन्ता आकाशदीप गुर्जर की निगरानी में पाइप लाइन के लीकेज को निकालने का काम शुरू कराया।

चार मीटर गहरी है पाइप लाइन
कस्बे की मुख्य पेयजल लाइन चार मीटर गहरी है। जिसको तीस मीटर लाइन से कटवाकर पुलिया से बाहर निकलवाने का काम एक सप्ताह से जारी है।
2.25 लाख की अतिरिक्त लागत से जब गौरवपथ का निर्माण हो रहा था तो गौरवपथ के निर्माण में ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश है कि निर्माण के बीच आ रही टेलिफोन लाइन, पेयजल लाइन, विद्युत लाइन को शिफ्ट करने का चार्ज वह जमा कराएं, लेकिन ठेकेदार एवं पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ऐसा नहीं करवाया, न ही पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं ने ठेकेदार को पाबंद किया।

इससे लोगों को आ रही परेशानी से पहले ही निजात मिल जाती, लेकिन कभी भी बाद में यह परेशानी और ज्यादा होती है। इस सम्बन्ध में सहायक अभियन्ता पीडब्ल्यूडी के रामलाल कोली का पक्ष जानना चाहा, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला।


पानी की किल्लत से परेशानी
पीपलू. पंचायत नाथड़ी के ढूंढिया गांव में चार दिन से पानी नहीं आने पर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में गत चार दिन सेे पानी नहीं आने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके चलते दो किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी भर कर लाना पड़ता है व पशुधन को पानी पिलाने के लिए इसी कुएं पर जाना पड़ता है।गांव के बीच सीताराम मंदिर के पास सार्वजनिक कुआं भी सूख चुका है व पास ही स्थित बीसलपुर पानी के प्वाइंट में चार दिन से पानी नहीं आ रहा है।


पंचायत झिराणा में पेयजल की समस्या अधिक है। ग्रामीणों ने बताया कि बीसलपुर प्वाइंट पाइप लाइन में से प्रभावशाली लोगों की ओर से अवैध नल कनेक्शन कर घर में मोटर लगाकर पानी को काम में लिया जाता है।भाजपा किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष चौथमल चौपड़ा ने बताया कि पीने के पानी की किल्लत है। ग्रामीण निजी कुओं से मवेशियों की प्यास बुझाते हैं।ग्राम पंचायत को घर-घर नल कनेक्शन की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन ग्रामवासियों को नई सौगात नहीं मिल पा रही है।