
मोहम्मद इलियास/ उदयपुर . जिले से गुजर रहे 300 किलोमीटर लम्बे हाईवे से सटी 67 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं, जिन पर सरपट दौडऩे वाले वाहनों की चपेट में आने बड़ी संख्या में ग्रामीणों की अकाल मृत्यु हो रही हैं। सर्वाधिक मौतें जिले से गुजर रहे नेशनल हाईवे-8 पर आबादी क्षेत्र के करीब हुई हैं। इन ग्राम पंचायतों में ऐसा कोई गांव नहीं बचा, जहां गुजरने वाले हाई-वे पर सडक़ हादसे में कोई मौत नहीं हुई हो। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा चिंता का विषय बना हुआ है। उदयपुर जिले में गत दो वर्ष में 41 थाना क्षेत्र में 2703 दुर्घटनाएं हुई, इनमें 1034 लोग मारे गए तो 3236 लोग घायल हुए। बढ़ती दुर्घटनाओं के मद्देनजर परिवहन व पुलिस विभाग अब शीघ्र ही हाई-वे से सटी ग्राम पंचायतों में जनजागृति अभियान चलाएगा।
हाइवे नियमों पर खरे नहीं
- वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी नहीं है।
- अधिकतर हादसे ओवरस्पीडिंग से।
- हाईवे पर कई वाहन गलत ओवरटेकिंग करते हैं तो कई पर रिफ्लेक्टर का अभाव है।
- हाई-वे पर नियम विरुद्ध गांव की समस्त सडक़ें आकर मिल रही है जो दुर्घटना का प्रमुख कारण है।
- हाईवे पर राहगीर व दुपहिया वाहनों के लिए कई जगह पर भी सर्विस लाइन नहीं है। जहां थोड़ी बहुत है, तो वहां पर बड़े वाहन पार्किंग के काम आ रहे हैं।
- नेशनल हाइवे के नियमानुसार प्रत्येक 20 किलोमीटर पर वाहन पार्किंग के लिए अलग से जगह होनी चाहिए लेकिन कहीं भी नहीं है। रोड से टी ऑडिट होनी चाहिए है।
जिले में हुए हादसों ने चौंकाया
जिला- उदयपुर
वर्ष- 2015
कुल दुर्घटनाएं- 1379
मृतक- 500
घायल- 1711
वर्ष- 2016
कुल दुर्घटनाएं- 1324
मृतक- 534
घायल- 1525
हाईवे से सटी ग्राम पंचायतों में जनजागृति अभियान चलाकर उन्हें हाई-वे के नियमों की जानकारी देगें। जहां कई भी तकनीकी खामी है उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ.मन्नालाल रावत, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी
Updated on:
1 Nov 2017, 3:09 PM IST
Published on:
1 Nov 2017, 3:09 PM IST
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