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उदयपुर में एईएन व जेईएन इतने लाख की घूस लेते हुए गिरफ्तार, इस काम की एवज में मांगें थे रुपए

उदयपुर . सहायक व कनिष्ठ अभियंता को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
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उदयपुर

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Mohammed Iliyas

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Updated: 21 Nov 2017, 12:12 PM IST

JEN and AEN arrested udaipur

उदयपुर . भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सोमवार को जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग (ब्लॉक बडग़ांव) के सहायक व कनिष्ठ अभियंता को 2.04 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के एएसपी डॉ. राजेश भारद्वाज ने बताया कि झालों का खेड़ा कानोड़ निवासी ठेकेदार रतनसिंह पुत्र मनोहर सिंह ने गत दिनों जलग्रहण विभाग के एईएन जे रोड भूपालपुरा निवासी विपिन पुत्र शिवनारायण बापना व जेईएन मनवाखेड़ा निवासी गोपाल पुत्र रामजी पटेल के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत थी।

सत्यापन पुष्टि होने पर सीआई हरीशचन्द्र सिंह, हनुवंत सिंह सोढ़ा मय टीम ने एईएन को उसके आवास पर 2.04 लाख रुपए की राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद पुलिस ने जेईएन को भी मनवाखेड़ा उसके आवास पर पकड़ा।

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कमीशन नहीं देने पर सिक्यूरिटी चेक ले लिया
20 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से करीब दो लाख रुपए की बाकियात होने पर आरोपितों ने ठेकेदार पर विश्वास नहीं किया और उन्होंने 7 लाख रुपए का सिक्यूरिटी चेक गिरवी रख लिया। राशि देने के बाद रतनसिंह ने एईएन चेक मांगा तो उसने जेईएन पटेल से बात की, उसने चेक घर पर होने वह मंगलवार सुबह देने के लिए कहा। उसके बाद ठेकेदार के इशारे पर टीम ने एईएन को पकड़ा और बाद में जेईएन को उसके घर पकड़ते हुए वहां से सिक्यूरिटी चेक भी बरामद किया।



पूर्व का भी नहीं किया भुगतान
रतनसिंह की फर्म मां जगदम्बा एन्टरप्राइजेज को वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत मदार का 14 लाख में वर्कऑर्डर मिला था। काम पूरा होने के बाद एईएन बापना को बिल दिया तो उसने 20 प्रतिशत के हिसाब से कमीशन मांगते हुए महज 6 लाख का ही भुगतान किया। शेष राशि के लिए ठेकेदार द्वारा बार-बार आग्रह करने के बावजूद बापना ने एक नहीं सुनी और उसने गुस्से में आकर उसने 6 लाख के रनिंग बिल को ही आखिरी बिल बताकर भुगतान बताते हुए नुकसान कर दिया।

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दूसरी फर्म के नाम से लेना पड़ा ठेका
पहले ही काम में एईएन द्वारा गड़बड़ी करने पर ठेकेदार ने दूसरे फर्म व दशरथ सिंह के नाम टेण्डर डाला और संयोगवश यह टेण्डर उसी के खुल गया। दूसरी फर्म नाम से ही रतनसिंह ही काम कर रहा था। इस बार भी कमीशन में बिल अटका दिए।


ठेकेदार हुए खुश
लंबे समय से एईएन बापना द्वारा कमीशन के बतौर ली जा रही बेतहाशा राशि से ठेकेदार काफी नाराज थे। उनका कहना है कि जीएसटी के बाद एईएन ने अपना कमीशन बढ़ा दिया था और वर्तमान में कई ठेकेदारों के बिल कमीशन फेर में अटके पड़े थे। कार्रवाई के बाद काफी ठेकेदार खुश हो गए।


घर में मिले भूखण्ड के कागज
ब्यूरो को बापना के घर पर तलाशी के दौरान 1.53 लाख रुपए नकद , ज्वैलरी व बरोडिय़ा व गोगुन्दा में दो भूखण्ड के कागज मिले है। इसके अलावा कॉपरेटिव बैंक के लॉकर की चाबी मिली है। टीम सुबह लॉकर की तलाशी लेगी।


बीस प्रतिशत कमीशन
परिवादी रतनसिंह ने ब्यूरो को बताया कि विभाग ने उसकी फर्म को बडग़ांव के कठार ग्राम पंचायत में चेकडेम व कच्ची दीवारें, पौधरोपण सहित अन्य कामों का करीब एक करोड़ रुपए का वर्कऑर्डर दिया था। उसका कहना था कि वह अब तक 80 लाख का काम कर चुका है। 40 लाख का बिल देने पर एईएन बापना ने 20 प्रतिशत के हिसाब से 8.04 लाख रुपए मांगें, उसमें 6 लाख रुपए पूर्व में दे दिए थे।