29 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Udaipur Files: भाजपा नेत्री वीडियो, ब्लैकमेलिंग और बलात्कार कांड में चौंकाने वाला खुलासा, पुलिस को मिले 3 दर्जन से ज्यादा वीडियो

BJP leader video case: उदयपुर में भाजपा नेत्री से जुड़े वीडियो और ब्लैकमेलिंग मामले में चार्जशीट ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस दस्तावेजों में एआई से वीडियो बनाने का कोई उल्लेख नहीं होने से मामला और उलझ गया है।

2 min read
Google source verification
BJP women leader video case, BJP women leader blackmailing case, BJP women leader rape case, Udaipur files, Udaipur news, Rajasthan news, भाजपा महिला नेता वीडियो केस, भाजपा महिला नेता ब्लैकमेलिंग केस, भाजपा महिला नेता रेप केस, उदयपुर फाइल्स, उदयपुर न्यूज, राजस्थान न्यूज, Rajasthan BJP, Rajasthan BJP

एआई तस्वीर

उदयपुर। भाजपा नेत्री से जुड़े वीडियो, ब्लैकमेलिंग और बलात्कार के मामले में नया खुलासा हुआ है। अब तक आरोपी वकील विशाल गुर्जर पर एआई से वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए जा रहे थे, लेकिन पुलिस की ओर से पेश चार्जशीट में कहीं भी एआई से वीडियो बनाने का उल्लेख नहीं है।

पुलिस ने माना है कि मेमोरी कार्ड और पेनड्राइव में 20 से अधिक फोल्डर और उनमें तारीखवार सबफोल्डर हैं, जिनमें कई वीडियो क्लिप हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आरोपी के पास तीन दर्जन से अधिक वीडियो क्लिप थे, जिन्हें पुलिस ने जब्त किया है। हालांकि वीडियो क्लिप की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं बताई गई है।

यह खुलासा पुलिस की ओर से पेश चार्जशीट में हुआ है। एफआईआर और आरोपी की गिरफ्तारी के 44 दिन बाद 27 मार्च को भूपालपुरा थाना पुलिस ने एसीजेएम-4 कोर्ट में चार्जशीट पेश की। इसमें आरोपी के मोबाइल से बरामद वीडियो, उसके ऑफिस में लगे स्पाई कैमरे और वीडियो में कैद गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। चार्जशीट में 80 दस्तावेजों की सूची के साथ जांच अधिकारी डीएसपी गोपाल चंदेल सहित 12 गवाह शामिल हैं।

झूठी निकली वीडियो नष्ट करने की बात

चार्जशीट से यह भी स्पष्ट हुआ है कि जांच अधिकारी डीएसपी गोपाल चंदेल ही रहे, जबकि गतिरोध के दौरान उन्हें हटाकर एएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ को जांच सौंपने की बात कही गई थी। इसके अलावा वीडियो नष्ट किए जाने की बात भी सामने आई थी, लेकिन चार्जशीट से साफ हो गया कि वीडियो नष्ट नहीं किए गए, बल्कि पुलिस के पास सुरक्षित हैं।

एफएसएल जांच भी नहीं

अब तक एआई से वीडियो बनाने की बात कही जा रही थी, जिसके आधार पर फॉरेंसिक जांच जरूरी मानी जा रही थी। लेकिन पुलिस ने वीडियो को एफएसएल जांच के लिए भेजने का कोई उल्लेख नहीं किया है। यदि वीडियो एआई जनरेटेड होते तो उनकी जांच कराई जाती। आरोपी के मोबाइल से स्पाई कैमरे से जुड़े यूआरएल भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

स्पाई कैमरा बेचने वाला भी गवाह

पुलिस ने गवाहों में उस व्यक्ति को भी शामिल किया है, जिससे आरोपी विशाल गुर्जर ने स्पाई कैमरा खरीदा था। यह कैमरा घड़ी में लगा हुआ था और इसमें 32 जीबी का मेमोरी कार्ड था, जिसमें कई वीडियो रिकॉर्ड हुए। आरोपी ने नवम्बर 2025 में यह डिजिटल घड़ी खरीदी थी, जिसके बाद वीडियो रिकॉर्डिंग की गई।

चार्जशीट में सामने आया कि मेमोरी कार्ड में कई वीडियो मौजूद हैं, जिनमें महिला कई बार एक व्यक्ति के साथ नजर आ रही है। वह कभी बातचीत करती तो कभी आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई देती है। महिला के साथ दिखने वाले व्यक्ति के बारे में चार्जशीट में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

यह है पूरा मामला

गत 11 फरवरी को भूपालपुरा थाने में भाजपा नेत्री ने वकील विशाल गुर्जर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि एआई के जरिए वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और रुपए की मांग की गई। पुलिस ने उसी रात आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया था। सीसीटीवी फुटेज में कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ भाजपा नेता भी नजर आए थे। आरोपी को जेल भेज दिया गया और उस पर धोखाधड़ी का एक अन्य मामला भी दर्ज किया गया। इस प्रकरण को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुद्दा उठाया, वहीं उदयपुर में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।