
उज्जैन में 4 स्कूली बच्चों की मौत के बाद जागा RTO, अब ऐसे स्कूल वाहन हो रहे जब्त, पेरेंट्स भी जानें
उज्जैन. हर बार ऐसा ही क्यं होता है कि, प्रशासन की नींद किसी हादसे के बाद ही खुलती है। इसका ताजा उदाहरण मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा में हुए सड़क हादसे में 4 स्कूली बच्चों की मौत से साबित हुआ है। यहां हादसे में चार स्कूली बच्चों द्वारा जान गवाने के बाद आरटीओ अमला नींद से जागा है। विभाग ने नागदा लमेत जिलेभर में स्कूली वाहनों के खिलाफ जांच की कार्रवाई शुरु कर दी है। यही नहीं, सिर्फ उज्जैन और नागदा से ही 10 स्कूली वाहन जब्त कर थाने में लाकर खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि, पकड़े गए वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई है।
आपको बता दें कि, जिले के अंतर्गत आने वाले नागदा के उन्हेल रोड पर 2 दिन पहले स्कूल बस की ट्रक से जोरदार भिड़ंत में 4 स्कूली बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 11 अन्य बच्चे घायल हुए थे। घायलों में अधिकतर बच्चों का इलाज अब भी अस्पताल में चल रहा है, जबकि जान गवाने वाले चारों बच्चों की अर्थियां एक साथ उठाई गई थीं।
इस हादसे के बाद उज्जैन आरटीओ एक्शन मोड में आए हैं। अब उन्होंने स्कूली वाहनों की धरपकड़ और जुर्माना कार्रवाई शुरु कर दी है। नागदा में उज्जैन आरटीओ संतोष मालवीय की अगुवाई में परिवहन विभाग का अमला नागदा में चलने वाली स्कूली बस, मैजिक और ऑटो रिक्शा को रोक रोककर उनके कागज चैक कर रहे हैं। कागजों में त्रुटी पाए जाने पर वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कारर्वाई की जा रही है। हालांकि, दूसरी ओर स्थानीय लोग ही विभाग की इस कारर्वाई की आलोचना कर रहे हैं। लोगों का कहा है कि, जिन माता-पिता ने अपने बच्चे को दिए उन्हें इसका क्या फायदा। घटना होने पर विभाग चालानी कार्रवाई कर अपना खजाना भरने लगा है।
RTO ने की कार्रवाई
हैरानी की बात तो ये है कि, पहले दिन की कार्रवाई में ही नागदा में 4 तूफान वाहन, 1 मैजिक वैन और करीब 8 ऑटो अवैध रूप से चलते पकड़ाए गए। तीन गाड़ियों पर कागजी अनियमितता के चलते 20 हज़ार रुपए जुर्माना लगाया गया। नागदा के बाद परिवहन विभाग के अमले ने उज्जैन के नागझिरी चौराहे पर भी स्कूली वाहनों को रोककर निरीक्षण किया। हालांकि, उज्जैन के वाहनों में ऐसी कोई अनियमितता नहीं मिली। उज्जैन आरटीओ संतोष कुमार मालवीय वाहनों के निरीक्षण से संतुष्ट नजर आए। उन्होंने स्कूल संचालकों को आगाह भी किया कि, अपने वाहनों को कागजी और भौतिकी तौर पर नियमित कराएं।
बच्चों के अभिभावक ध्यान दें
बच्चों के अभिभावक भी बच्चों को स्कूल लाने ले जाने वाले वाहनों की जानकारी लेते रहें। विभाग की ओर से बच्चों के पेरेंट्स को भी सलाह दी गई है कि, वो कभी भी ओवरलोड वाहन में अपने बच्चों को स्कूल ना भेजें। साथ ही, तत्काल इसकी शिकायत स्कूल में करें। अगर स्कूल इसपर तुरंत कोई एक्शन न ले तो RTO को इसकी सूचना दें, ताकि आपके बच्चे की सुरक्षा का ध्यान रखा जा सके।
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Updated on:
24 Aug 2022, 5:58 PM IST
Published on:
24 Aug 2022, 5:58 PM IST
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