
मेघालय राज्यपाल सत्यपाल मलिक
किसानों के अधिकारों को लेकर अपनी बेबाक बयानबाजी के बाद सुर्खियों में आने वाले मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के द्वारा रविवार को अलीगढ़ की तहसील इगलास इलाके के गोंडा ब्लॉक में किसानों की एक पंचायत में शिरकत करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान देश के किसानों से उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि विश्वासघात करने वाले लोगों से दोबारा लड़ाई लड़नी होगी। इसके लिए किसान उनसे जहां कहेंगे मैं वहां जाकर बैठ जाऊँगा।लेकिन इस बार की लड़ाई आर-पार की होगी। उन्होंने कहा अगर इस बार चूक गए तो फिर सारी जिंदगी मांगते ही रहोगें।
इस दौरान मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के द्वारा मौजूदा सरकार पर बिना किसी का नाम लिए जमकर हमला बोला गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सरकार के द्वारा किसानों के साथ बहुत ही बड़ा विश्वासघात किया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में किसानों को पूरी तरह बर्बाद करने की साजिश हो रही है।
देश में कृषि कानून लागू हो जाते तो किसानों की जमीनें चली जातीं हैं। तो सरकार की अगली निगाह हमारे पेट जमीन और रोजगार पर है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कुतिया की मौत पर भी संवेदना संदेश भेजने वाली सरकार 700 किसानों की मौत पर भी चुप्पी साधे बैठी हैं।
जिसके विश्वासघात का जवाब देने के लिए देश के किसानों को एक बड़े प्रदर्शन की तैयारी शुरू करनी चाहिए। जिससे कि देश के किसानों को उन्हें उनका हक मिल सके। इसके लिए अगर उन्हें किसी भी राजनीतिक दल के साथ समझौते करना पड़े तो किसानों के लिए वह इस समझौते को भी करने के लिए तैयार हैं।
दरअसल पूरा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ की तहसील इगलास इलाके के गोंडा ब्लॉक इलाके का है। जहां मेघालय के राज्यपाल सतपाल मलिक गोंडा के भ्यामल खेड़ा में किसान की एक पंचायत को संबोधित कर रहे थे। वहीं एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि वह अब सिर्फ किसानों की लड़ाई लड़ेंगे। सत्यपाल मलिक ने किसानों से आह्वान किया कि दोबारा लड़ाई लड़नी पड़ेगी। मुझसे जहां कहोगे वहां आकर बैठ जाऊंगा।लेकिन इस बार देश के किसानों की लड़ाई आर-पार की होगी। अगर इस बार किसान चूक गए तो सारी जिंदगी मांगते रहोगे।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुए किसान आंदोलन के दौरान भी वे अपना इस्तीफा जेब में रखकर प्रधानमंत्री से मिलने गया और मैंने प्रधानमंत्री से कहा कि साहब 11 महीने हो गए है। लेकिन आपका कोई आदमी किसानों से बात नहीं कर रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर, बिहार, गोवा के राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल के बारे में बताया कि जब उन्होंने भ्रष्टाचार का विरोध किया तो उन्हें वहां से हटा दिया गया। जब उन्होंने गोवा में हो रहे भ्रष्टाचार की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी को दी, तो प्रधानमंत्री ने मेरा नहीं,बल्कि भ्रष्टाचार का साथ दिया।
इसके साथ ही चौधरी चरण सिंह के नाती और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट करते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि उसके लिए जो भी संभव होगा प्रयास करेंगे।
Updated on:
03 Oct 2022 06:51 pm
Published on:
03 Oct 2022 06:51 pm
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