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पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में भगवा सेना ने हार के डर से नहीं उतारे प्रत्याशी

सपा के गढ़ में बनाया था रिकॉर्ड, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 18 Dec 2017, 12:34 PM IST

PM Narendra Modi

PM Narendra Modi

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। बीजेपी की भगवा सेना ने हार के डर से पहली बार इस चुनाव में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं। सपा के गढ़ में चुनाव जीत कर भगवा सेना ने रिकॉर्ड बनाया था लेकिन इस बार की कहानी बिल्कुल अलग है।
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बीजेपी के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है यहां पर होने वाले छोटे व बड़े चुनाव में बीजेपी या फिर उसकी भगवा सेना की बड़ी परीक्षा माना जाता है। छात्रसंघ चुनाव को लोकतंत्र की नर्सरी कहा जाता है। आम तौर पर माना जाता है कि युवाओं में पैठ बनाने के लिए छात्रसंघ चुनाव में मिली जीत महत्वपूर्ण स्थान रखती है इसलिए सभी प्रमुख दल ने अपना छात्र संगठन बनाया है और यह संगठन चुनाव लड़ते हैं और हार व जीत भी मिलती है। सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी को बड़ी हार मिली थी। इसमे खास बात है कि जिन प्रत्याशियों ने एबीवीपी से टिकट मांगा था और संगठन के पदाधिकारी व एक मंत्री के हस्तक्षेप के चलते उन्हें टिकट नहीं दिया गया था और इन लोगों ने सपा के बागी प्रत्याशियों के रूप में चुनाव लड़ा था और भारी अंतर से चुनाव जीत कर एबीवीपी को पटखनी दी थी। इसके बाद से एबीवीपी में प्रत्याशी चयन को लेकर इतने मतभेद हो गये हैं कि प्रत्याशियों का चयन करना कठिन हो गया है।
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इस चुनाव में हार की डर से नहीं उतारे प्रत्याशी
हरिश्चन्द्र पीजी कालेज छात्रसंघ चुनाव में सपा की ताकत दिखती है, जिसके चलते इसे सपा का गढ़ भी माना जाता है। वर्ष 2016 में हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने रिकॉर्ड बनाते हुए पहली बार यहां पर छात्रा खुशबू सिंह को चुनाव जिताया था। हरिश्चन्द्र कालेज में वर्ष २०१७ में छात्रसंघ चुनाव के लिए नामांकन हो चुका है और २७ दिसम्बर को मतदान होना है। इसके बाद भी एबीवीपी ने नामांकन के पहले अपने प्रत्याशियों को पैनल नहीं खड़ा किया है, जिससे साफ हो गया है कि एबीवीपी यहां पर चुनाव नहीं लडऩे वाली है।
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संसदीय चुनाव 2019 से पहले बीजेपी को मिली हार से पार्टी को होगा नुकसान
बीजेपी के लिए गुजरात चुनाव के बाद संसदीय चुनाव 2019 सबसे महत्वपूर्ण है। गुजरात चुनाव में पीएम नरेन्द्र मोदी की लहर से बीजेपी को जीत मिल चुकी है इसके बाद बीजेपी के लिए यूपी का नम्बर आता है यहां पर बीजेपी ऐसे किसी चुनाव में विरोधी को उबरने का मौका नहीं दे सकती है, जिससे पार्टी को नुकसान होगा। ऐसे में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में बीजेपी की भगवा सेना ने हार के डर से अपने प्रत्याशी नहीं खड़े किये हैं भले ही चुनाव का भविष्य भी अनिश्चित हो।
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