बता दें कि चुलबुल सिंह को पंचायत राजनीति का चाणक्य कहा जाता रहा। ग्राम प्रधानी का चुनाव हो या क्षेत्र पंचायत अथवा जिला पंचायत चुलबुल सिंह की रणनीति का जवाब नहीं था, अपनी रणनीति के तहत ही वह जिसे जिस पद पर चाहते बिठा देते थे। कितनी भी विपरीत परिस्थितियां हो किसी के पास चाहे कितना भी बहुमत हो पर अगर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुलबुल सिंह का आशीर्वाद नहीं मिला तो उसकी जीत हमेशा संदेह के घेरे में ही रहती रही। चुलबुल सिंह की बड़ी बहू और सुशील सिंह की पत्नी किरन सिंह जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं, सुजीत सिंह पिछले कार्यकाल में जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। चुलबुल सिंह की छोटी बहू इंदू सिंह इस वक्त ब्लाक प्रमुख हैं तो चुलबुल की पत्नी गुलाबी देवी बसवरिया से निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं।