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सिकरौरा नरसंहार में माफिया से माननीय बने बृजेश सिंह को कोर्ट से फिर लगा झटका

बीमार होने के चलते नहीं हुए पेश, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 5 Dec 2017, 7:17 PM IST

Brijesh Singh

Brijesh Singh

वाराणसी. माफिया से माननीन बने बृजेश सिंह को कोर्ट ने एक बार फिर झटका दिया है। मंगलवार को बीमारी होने के चलते कोर्ट में पेश नहीं हुए था और बृजेश सिंह के वकील ने प्रार्थना पत्र देकर सुनवाई की नयी तिथि देने की मांग की थी, जिस पर डीजीसी फौजदारी ने अपत्ति दर्ज कराते हुए कहा था कि वादिनी हीरावती देवी को पुलिस की कड़ी सुरक्षा में कोर्ट लाना पड़ता है, जिसके चलते काफी पैसा खर्च होता है इस पर कोर्ट ने बृजेश सिंह के उपर ढाई हजार का जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया है। इासके बाद कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 16 दिसम्बर को निर्धारित कर दी है।
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अपर सत्र न्यायधीश तृतीय नरेन्द्र कुमार झा की अदालत में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सिकरौरा नरसंहार की वादिनी हीरावती देवी पहुंच गयी थी, लेकिन बीमारी के चलते सेंट्रल जेल से बृजेश सिंह पेशी पर नहीं पहुंच पाये थे। बृजेश सिंह के वकील ने कोर्ट में एक आवेदन दाखिल किया था, जिसमे कहा गया था कि ९ अप्रैल १९८६ को हुए इस हत्याकांड में सभी आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट चतुर्थ ने बरी कर दिया था। बरी होने वाले आरोपी से कम साक्ष्य बृजेश सिंह के खिलाफ मौजूद है। ऐसे में प्रतिपादित सिद्वांतों के अनुसार यदि एक ही अपराध में पहली बार सभी आरोपी दोषमुक्त हो जाते हैं तो स्टेयर डिसाइसिस के तहत अन्य लोगों पर आरोप को समाप्त कर देना चाहिए। वकील ने कोर्ट को बृजेश सिंह को बरी करने की मांग भी की।
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कोर्ट ने आवेदन का दिया जवाब
अपर सत्र न्यायधीश तृतीय नरेन्द्र कुमार झा की अदालत ने बृजेश ङ्क्षसह के प्रार्थना पत्र का पूरा जवाब दिया है। कोर्ट ने कहा कि जब इस मामले में अन्य आरोपियों का ट्रायल चल रहा था तो उस समय बृजेश सिंह फरार चल रहे थे। ऐसे में पत्रावाली में दिये गये साक्ष्य को अन्य आरोपियों के समान कहना विधि अनुसार नहीं होगा। कोर्ट के पास यह अधिकार नहीं है कि वह स्टेयर डिसाइसिस के तहत किसी को बरी कर दे। कोर्ट ने बृजेश सिंह को १६ दिसम्बर को पेश करने को भी कहा है। बृजेश सिंह के वकील ने कोर्ट में बृजेश सिंह के बीमार होने का चिकित्सकीय दस्तावेज भी लगाया है। गौरतलब है कि बृजेश सिंह के लिए सिकरौरा नरसंहार गले की हड्डी बनता जा रहा है। पहले तो कोर्ट ने बृजेश सिंह को हत्याकांड के समय नाबालिग नहीं मान कर पहला झटका दिया था इसके बाद वादिनी के प्रार्थना पत्र पर दूसरे कोर्ट में सुनवाई शुरू होने का निर्देश देकर दूसरा झटक दिया था मंगलवार की सुनवाई में जुर्माना लगा कर कोर्ट ने माफिया से माननीन बने बृजेश सिंह को तीसरा झटका दिया है। चंदौली के बलुआ थाना क्षेत्र के सिकरौरा में हुए नरसंहार में एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या की गयी थी इस मामले में बृजेश सिंह भी आरोपी है।
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