
Political Leader
वाराणसी. कर्नाटक चुनाव का रिजल्ट लगभग आ चुका है। वहां पर अब सरकार बनाने की लड़ाई शुरू हो गयी है। जल्द ही इस बात का भी खुलासा हो जायेगा कि किस दल को सरकार बनाने का मौका मिलता है। कर्नाटक चुनाव के नये ट्रेंड से अखिलेश यादव व मायावती के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। हालत यही रहते हैं तो कांग्रेस का साथ भी बीजेपी के काम नहीं आ पायेगा।
यह भी पढ़े:-कर्नाटक चुनाव में सीएम योगी ने जिन सीटों पर किया प्रचार, वहां बीजेपी का यह रहा हाल
यूपी चुनाव में बीजेपी को शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी अच्छा वोट मिला था। इसके बाद से यह माना जाने लगा था कि पीएम नरेन्द्र मोदी की लहर व अमित शाह की रणनीति ने बीजेपी को ग्रामीण क्षेत्र में भी स्थापित कर दिया है। इसके बाद से अखिलेश यादव, मायावती से लेकर राहुल गांधी ने बीजेपी पर दलित विरोधी पार्टी होने का आरोप लगाते हुए जबरदस्त हमला बोला है। बीजेपी पर दलित विरोधी होने के इतने अधिक आरोप लग गये हैं कि बीजेपी के लिए बचाव करना कठिन हो गया है। ऐसे में कर्नाटक चुनाव परिणाम बहुत मायने रखता है। कर्नाटक चुनाव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्र के साथ दलित वोटरों पर बीजेपी की पकड़ मजबूत हो गयी है जिसका नुकसान सपा, बसपा व कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है।
यह भी पढ़े:-तस्वीरों में देखें पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बीजेपी ने कैसे मनाया कर्नाटक में मिली जीत का जश्र
जानिए क्या कहते हैं आंकड़े
कर्नाटक चुनाव का अंतिम परिणाम नहीं आया है इसलिए हम रूझानों की बात करते हैं। लिंगायत व एससी व एसटी वोटरों की पकड़ वाली १५० सीटों में से बीजेपी को ७० से अधिक सीट मिली है जबकि कांग्रेस ६० सीटों का लाभ लेती हुई दिख रही है। यदि रूझान परिणाम में बदल जाता है तो बीजेपी के लिए बड़ा फायदा हो सकता है। एससी व एसटी बाहुल्य सीट पर बीजेपी को इतना वोट मिल रहा है तो भगवा पार्टी पर दलित विरोधी होने का आरोप खत्म हो जायेगा। इसका सीधा फायदा लोकसभा चुनाव २०१९ में मिलेगा।
यह भी पढ़े:-शुरू हो गया मलमास, भूल कर न करें यह काम
बीजेपी ने शहर से अधिक किया गांव पर फोकस
पूर्व पीएम अटल बिहारी सरकार के समय जब बीजेपी ने चुनाव लड़ा था तो उस समय इंडिया शाइनिंग का नारा दिया गया था। शहर के लोगों को अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार पसंद आयी थी लेकिन गांव के लोगों ने उस सरकार को नकार दिया था इसके चलते चुनाव में बीजेपी को हार मिली थी और मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने थे। पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार ने पिछले डेढ़ साल से सबसे अधिक फोकर ग्रामीण क्षेत्रों पर किया है। उज्जवला योजना, शौचालय, फसल बीमा, किसानों की कर्ज माफी आदि ऐसी कई योजना है जो ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक फायदा पहुंचा रही है। इसका सीधा फायदा बीजेपी को हो रहा है और शहर से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में बीजेपी की ताकत बढ़ती जा रही है।
यह भी पढ़े:-कर्नाटक चुनाव परिणाम को लेकर बाबा रामदेव का बड़ा बयान, बीजेपी के साथ कांग्रेस में मची खलबली
कांग्रेस से सीखे दांव से ही कांग्रेस को दी शिकस्त
बीजेपी ने कांग्रेस से ही दांव सीखा है और उसी से कांग्रेस को शिकस्त दी है। कांग्रेस सरकार ने पहले नरेगा योजना शुरू की थी और मनमोहन सिंह को ग्रामीण क्षेत्रों से इतना वोट मिला कि दुसरी बार सीएम बन गये। इसी क्रम में बीजेपी ने कांग्रेस से दांव सीखते हुए ग्रामीण क्षेत्र पर खास जोर दिया है और अब उसका जबरदस्त फायदा मिल रहा है।
यह भी पढ़े:-अधिकारियों के चहेते व मंत्री की सिफारिश पर भी नहीं बन पायेंगे मनमाने थाने में एसओ व प्रभारी, मचा हड़कंप
Published on:
15 May 2018, 5:22 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.