
वाराणसी. सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस के बैनर तले लोगों ने हाथ में खाली घड़ा लेकर जल जागरूकता रैली निकाली है। बुधवार को मैदागिन से बुलानाला होते हुए नीचीबाग तक निकाली गयी रैली के जरिए लोगों से जल बचाने की अपील की गयी है। वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते जल की बर्बादी नहीं रोकी गयी तो आने वाले समय में बूंद-बूंद जल के लिए सभी को तरसना होगा।
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संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल ने कहा कि जल का अत्याधिक दोहन होने से मानव सभ्यता पर बड़ा खतरा मंडरा है। तलाबो को पाटा जा रहा है और पेड़-पौधों की कटाई होने से भी वर्षा के अनुपात में असर पड़ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के चलते बारिश कम हो रही है और गर्मी का प्रकोप बढऩे लगा है इसके चलते बचे हुए तलाबों का जल भी तेजी से खत्म हो रहा है। जल की कमी के कारण लोगों ने तेजी से भूजल दोहन करना शुरू कर दिया है इसका असर हो रहा है कि भूजल स्तर तेजी से गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि काशी के लोगों के लिए मां गंगा जल उपलब्ध कराने का सबसे बड़ा साधन है लेकिन जिस तरह से गंगा का जलस्तर गिरने लगा है वह आने वाले समय के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा कि लोगों के उपर जल संकट मंडरा है इसके बाद भी लोगों की आंख नहीं खुल रही है। जिन लोगों को आसानी से जल मिल जाता है वह जल की बर्बादी करने लगते हैं। लोगों के पास अब अधिक समय नहीं बचा है यदि समय रहते नहीं चेते तो आने वाले समय में पीने के लिए पानी भी नहीं बचेगा।
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बिना रेन हार्वेस्टिंग के न हो नक्शा पास
संस्था के लोगों ने सरकार की अपील करते हुए कहा कि जल बचाने के लिए अब सख्त नियम बनाने होंगे। बिना रेन हार्वेस्टिंग के किसी भी सरकारी या प्राइवेट आवास का नक्शा नहीं पास किये जाये। हम लोग जागरूक होकर भूजल के बचाने के लिए साथ नहीं आयेंगे तो आने वाला कल सुरक्षित नहीं रहेगा। इस अवसर पर मो.जुबैर, नंद कुमार टोपी वाले, राजेश श्रीवास्तव, विकास जायसवाल, पंकज पाठक, दीपक सिंह आदि लोग शामिल रहे।
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