डा. बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय के साथ काफी समय गुजराने का मौका मिला था। पहले जनसंघ के कार्यकर्ता बहुत मुश्किल से मिलते थे। गांव में तो कार्यकर्ताओं की सबसे अधिक कमी होती थी। बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि आज की तरह पहले संसाधन नहीं होते थे लोगों तक अपनी बात पहुंचाना आसान नहीं होता था। आज की तरह उस समय बाइक नहीं थी इसलिए जो साधन मिलता था उसी के सहारे ही हम लोग प्रचार करते थे। बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि जब दीनदयाल उपाध्यय के निधन की सूचना मिली थी तो सभी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गयी थी। बीजेपी की वर्तमान स्थिति पर कहा कि यह देख कर विश्वास नहीं होता है कार्यकर्ताओं से ही संगठन मजबूत होता है और बीजेपी के पास अब कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है।
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