8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पीएम नरेन्द्र मोदी ने बनारस से शुरू की थी यह योजना, बजट में मिली बड़ी सौगात

रोजगार के मिलेंगे नये अवसर, पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

वाराणसी

•

image

Devesh Singh

•

Updated: 5 Jul 2019, 6:43 PM IST

Water Transport

Water Transport

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी ने देश में पहली बार जिस योजना की शुरूआत बनारस से की थी। बजट 2019-20 में उसे बड़ी सौगात मिली है। योजना तो आरंभ हो गयी है लेकिन पूरी नहीं होने से इसका लाभ आम लोगों को नहीं मिल रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2019-20 में पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर बड़ा ध्यान दिया है और 2020 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की बात कही है।
यह भी पढ़े:-आभासी संग्रहालय देखेंगे पीएम नरेन्द्र मोदी, मान महल में लांच हुआ था पायलट प्रोजेक्ट

IMAGE CREDIT: Patrika

पीएम नरेन्द्र मोदी ने बनारस से ही जलपरिवहन की शुरूआत की थी। जल परिवहन के लिए चार टर्मिनल बनने थे जिसमे से एक टर्मिनल बनारस के रामनगर में बन गया था जिसका पीएम नरेन्द्र मोदी ने उद्घाटन किया था। इसके बाद वाराणसी से पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक मालवाहक जहाज रवाना हुए थे। गंगा में जब पानी ठीक था तो जलपरिहवन में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई थी लेकिन पानी कम होते ही जलपरिवहन पर ब्रेक लगा हुआ है। विश्व बैंक के सहयोग से शुरू किये गये जलपरिवहन को 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह भी पढ़े:-Budget 2019-बजट को लेकर CA ने किया बड़ा खुलासा, कहा अब यहां पर नहीं होगा भ्रष्टाचार

वाराणसी से हल्दिया तक 1390 किलोमीटर तक होगा जलपरिवहन
योजना के प्रथम चरण में वाराणसी से हल्दिया तक 1390 किलोमीटर तक जलपरिवहन हो रहा है। इस योजना पर 4200 करोड़ की लागत आयी है। केन्द्र सरकार योजना के दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल तक जलपरिवन करना चाहती है। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खुद कहा था कि एक बार जलपरिवन नियमित रुप से शुरू हो जायेगा तो लोगों को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। पर्यटक भी जलमार्ग से पश्चिम बंगाल तक जा सकेंगे। वाराणसी से प्रयागराज तक सी प्लेन भी उड़ाने की तैयारी है।
यह भी पढ़े:-नवग्रह वाटिका लगायेंगे पीएम नरेन्द्र मोदी, कार्यक्रम में हुआ बदलाव