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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के मॉडल के अनुसार ही बनेगा राम मंदिर

प्राचीन मंदिर का है वहां पर बिखरा हुआ मलबा, ओबीसी को ट्रस्ट पर रखने पर कही यह बात
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 13 Feb 2020, 3:05 PM IST

Swami Vasudevanand

Swami Vasudevanand

वाराणसी. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट जो मॉडल पसंद करेगा। उसी अनुसार ही अयोध्या में राम मंदिर बनेगा। बनारस आये ट्रस्टी स्वामी वासुदेवानंद ने गुरुवार को मीडिया से इस मुद्दे पर खुल कर बात की। कहा कि रामनवमी से मंदिर का निर्माण आरंभ होने की पूरी उम्मीद है।
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ट्रस्टी स्वामी वासुदेवानंद ने कहा कि बनारस से मेरा बहुत पुराना नाता है इसलिए हमेशा बनारस आता हूं। मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती व कल्याण सिंह के राम मंदिर ट्रस्ट में ओबीसी समुदाय को शामिल करने की मांग पर कहा कि दोनों ही नेताओं ने राम मंदिर के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। यह बात सभी जानते हैं। ट्रस्ट की बैठक में इन बातों पर ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जब घर का मुखिया चुन लिया जाता है तो उसमे जाति विशेष मायने नहीं रखती है। राम मंदिर के मॉडल के प्रश्र पर कहा कि जिस मॉडल का देश में भ्रमण कराया गया है। जनता से सवा रुपया दिया है। राम जन्मभूमि न्यास को करोड़ों रुपया मिला था जिसमे से तीस करोड़ का प्रत्थर बन कर तैयार है जो पैसा बचा है उसका भी मंदिर निर्माण में उपयोग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह मेरा मानना है कि इसी मॉडल से मंदिर बनना चाहिए।
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जितनी होनी चाहिए, उतनी साफ नहीं हुई गंगा
गंगा की स्वच्छता पर कहा कि जितनी साफ होनी चाहिए। उतनी गंगा नहीं हुई है। शंकराचार्य सरस्वती जी के ट्रस्ट को लेकर किये जा रहे विरोध पर कहा कि वह बुजुर्ग व हमारे पीठ के शिष्य है मैं उनकी बात का प्रतिकार नहीं कर सकता हूं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट बनाने की जिम्मेदारी केन्द्र सरकार को सौंपी थी और सरकार ने ही ट्रस्ट बनाया है। अयोध्या में मलबे को लेकर चल रहे विवाद पर कहा कि वह प्राचीन मंदिर का हिस्सा था।1992 में वह खत्म हो चुका है अब मुस्लिम पक्षकार उस मलबे को जाकर खोजे।
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