
weather alert
वाराणसी. आसमान से बरस रहे अंगारों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। लू चलने से स्थिति और गंभीर हो गयी है। तपिश इतनी ज्यादा हो रही है कि दिन में घर से निकलना कठिन हो गया है। दोपहर में सड़को पर सन्नाटा पसर जाता है और शाम को भी गर्म हवाएं राहत लेने नहीं देती। बुधवार को मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अधिकतम तापमान 45.5 व न्यूनतम तापमान 36.4
डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिक प्रो.एसएन पांडेय के अनुसार पूर्वी यूपी में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है, जिसके चलते एक-दो दिन में तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है।
यह भी पढ़े:-अवैध शराब बनाने वालों पर कार्रवाई, तीन दर्जन से अधिक भट्ठी तोड़ी गयी, 20 क्विंटल लहन नष्ट किया गया
अधिकतम पारे में लगातार बढ़ता जा रहा है। 28 मई को45.3 था जो अब 45.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। भीषण गर्मी के इस दौर ने लोगों को 1998 की याद दिला दी है जब अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था और लू के चलते कई लोगों की जान चली गयी थी। मौसम के जानकारों की माने तो उन्हें गर्मी अपना पिछला रिकॉड़ तोड़ते हुए नहीं दिख रही है लेकिन इतनी ही गर्मी लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। आसमान से दहकते अंगारों के बीच लोगों का घर से निकलना कठिन हो गया है। पूरा शरीर ढक कर निकलने के बाद भी गर्म हवाओं के थपेड़े शरीर को झुलासा दे रहे हैं। गर्मी का मार अब लोगों के बर्दाश्त से बाहर होने लगी है।
यह भी पढ़े:-GRP को मिली बड़ी सफलता, करोड़ों का गबन कर फरार चल रहे 50 हजार के इनामी को किया गिरफ्तार
पूर्वी यूपी में बन रहा साइक्लोनिक सर्कुलेशन
मौसम वैज्ञानिक प्रो.एसएन पांडेय के अनुसार पूर्वी यूपी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है जिसका असर आते ही तापमान में कुछ कमी आ सकती है। इस बार मानसून लेट से आने की संभावना है जिसका असर प्री मानसून पर भी पड़ेगा। जून में ही प्री मानसून की बौछारे से राहत मिल सकती है तब तक गर्मी में उतार-चढ़ाव चलता रहेगा।
यह भी पढ़े:-राज्यमंत्री ने कहा सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार है तो करना होगा काम
Published on:
29 May 2019 07:19 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
