
कोटा. भीमगंजमंडी पुलिस ( police ) की स्पेशल टीम ने चिकित्सा विभाग का अधिकारी बनकर दो बेरोजगार ( Unemployment ) भाइयों को नौकरी का झांसा ( fraud ) देकर 85 हजार रुपए ठगने के मामले में होमगार्ड के जवान को ( Home Guard ) बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर सौंपा है। पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश कर रही है।
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एसपी दीपक भार्गव ने बताया कि केशवपुरा निवासी मोहन यादव ने पुलिस में दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि डडवाड़ा में किराए से रहने वाले बनवारी ने खुद को एमबीएस चिकित्सालय में रेजीडेंट चिकित्सक व उसके ससुर को जयपुर में स्वास्थ्य विभाग में बड़ा अधिकारी बताया।
बनवारी व उसके ससुर ने उसके दोनों बेटों को एमबीएस चिकित्सालय में एलडीसी की सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर उससे 80 हजार व 5 हजार रुपए रजिस्टे्रशन के नाम पर लिए। राशि लेने के बाद दोनों फरार हो गए। पुलिस ने दो अज्ञात जनों के खिलाफ मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की। बेरोजगारों से ठगी की वारदात को खोलने के लिए एडिशनल एसपी राजेश मील के नेतृत्व में वृत्ताधिकारी भगवतसिंह हिंगड़ व सीआई हर्षराजसिंह खरेड़ा की टीम गठित की।
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बेरोजगार युवक ने ले लिया था फोटो
थानाधिकारी खरेड़ा ने बताया कि बेरोजगार युवक ने रुपए देते समय चुपके से बनवारी व चिकित्सा विभाग का अधिकारी बनकर आए विक्रम मीणा का फोटो ले लिया था। रुपए लेने के बाद जब उन्होंने पीडि़त का फोन उठाना बंद कर दिया तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने उसके किराए के मकान व एमबीएस जाकर पता किया तो बनवारी नाम का कोई चिकित्सक नहीं होने का पता चला। ठगी का आभास होने पर उन्होंने मामला दर्ज करवाया। इस पर पुलिस ने फोटो के आधार पर तलाश शुरू की।
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चिकित्साधिकारी की पहचान रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र की महावीर कॉलोनी निवासी होमगार्ड के जवान विक्रम मीणा के रूप में हुई। उसे पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार रात घर से दबोच लिया। आरोपी को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया, जबकि बनवारी की तलाश जारी है।