
कोटा. कोटा जिले के देवली मांझी में एक बहू को उसके ससुराल वालों ने इसलिए गंजा कर दिया, कि उन्हें डर था कि वह कहीं पीहर ना चली जाए। घटना के बाद उससे मारपीट भी की गई। घटना पांच दिन पहले की बताई जा रही है। महिला किसी तरह भाग कर पुलिस के पास पहुंची। पुलिस ने उसकी बात सुनी और पिता के घर जाने की सलाह दे कर रवाना कर दिया।
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इसके बाद कोटा अपने पीहर पहुंची महिला ने कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक और कोटा के जिला कलक्टर को भी शिकायत कर अपनी व्यथा की जानकारी दी, लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
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अठारह वर्षीय विवाहिता मीना ने बताया कि तीन साल पहले उसका विवाह देवली मांझी में सुरेश के साथ हुआ था। शादी के बाद वह ससुराल गई थी,लेकिन वहां बर्ताव अच्छा नहीं होने से वह दुबारा नहीं गई। करीब एक पखवाडे पहले उसके चाचा और ससुराल के अन्य रिश्तेदार उसके घर आए, वहां उसे जबरन मोटर साइकिल पर ससुराल देवली मांझी ले गए।
ससुराल जाने केबाद उसके साथ मारपीट की गई। ससुराल वालों का कहना था कि यह इतने दिनों से वहां नहीं आ रही है इसलिए अब इसके बाल काट दो ताकि यह वापस पीहर नहीं जा सके। मीना का आरोप है कि इसके बाद ससुराल में चार लोगों के उसे पकडा और रेजर से उसके सिर के बाल हटा दिए।
मीना का कहना है कि इसके बाद भी उसके साथ मारपीट की गई। करीब पांच दिन वह वहां रही। एक दिन उसे पानी भरने के लिए हैंडपंप पर भेजा। वहां वह बर्तन छोड़ कर भाग निकली। वह सीधे देवलीमांझी थाने में पहंची। जहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे समझा बुझा कर रवाना कर दिया।
पुलिस से मदद नहीं मिली तो मीना सीधी कोटा अपने पिता के पास आ गई। यहां उसे किसी परिचित ने बताया कि वह इसकी शिकायत पुलिसअधीक्षक और जिला कलक्टर से करे। उसी परिचित ने एक शिकायत तैयार कराई और मीना को दे दी।
मीना उसे लेकर दोनों ही आला अधिकारियों के दफ्तर गई और वहां उनके पर संबंधित सहायकों को शिकायत दे कर आ गई। इसको भी पांच दिन गुजर गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मीना के परिवार ने अपने ही गांव के रहने वाले कुन्हाडी निवासी रणवीर सिंह झाला को फोन कर आपबीति सुनाई। झाला ने इसकी जानकारी पत्रिका को दी।
मामला है अदालत में
मीना ने आरोप लगाया कि बाल उम्र में उसका विवाह जबरन किया गया था। वहां उसके उम्र की तुलना में छोटे कद काठी की मजाक बनाई गई। इसलिए वह ससुराल नहीं जाना चाहती थी। उसने पारिवारिक न्यायालय क्रम एक में सुरेश पुत्र अमर लाल के खिलाफ ९ अप्रेल को भरण पोषण का वाद भी प्रस्तुत किया था। अशिक्षित होने से वह कोर्ट में पेश हो कर अपनी बात नहीं रख सकी।