
केबलनगर.कोटा. मनरेगा ( Mgnrega ) ढाई माह से काम नहीं मिलने से परेशान महिलाओं ने दोपहर को पंचायत भवन के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर 1 घंटे तक सरपंच, वार्ड पंच तथा कार्यरत कर्मचारियों को बंद कर दिया। काम मांगने आई महिलाओं की बात सुन सरपंच ने पहले वन विभाग ( forest department ) के सीसीएफ से फोन कर श्रमिकों को कार्य नहीं मिलने की समस्या से अवगत कराया था लेकिन बाद में संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं मिलने के चलते महिलाएं भड़क गई तथा ताला लगा कर बाहर बैठ गई। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि अगर रोजगार ( employment ) नहीं मिला तो हाइवे जाम कर देंगे।
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रोजगार को लेकर परेशान कस्बेवासी करीब 38-40 महिलाएं दोपहर करीब दो बजे पंचायत भवन पहुंची थी। वहां सरपंच न मिलने से उन्होंने कर्मचारियों को पीड़ा बताई और वहीं बैठ गई। सूचना मिलने पर सरपंच गजानन्द भील 3 बजे पंचायत पहुंचे। महिलाओं ने उनसे रोजगार दिलाने की मांग की। महिला श्रमिकों ने बताया कि लगभग ढाई माह से मनरेगा में रोजगार बंद पड़ा हुआ है।
भूखे मरने की नौबत आ रही है। यहां तक कि बिजली का बिल चढ़ गया, घर का राशन उधारी में ला रहे हैं, बच्चों की स्कूल फीस जमा कराना मुश्किल हो रहा है परंतु रोजगार नहीं मिल रहा है। इस पर सरपंच ने पहले वन विभाग के सीसीएफ से फोन कर बात की और श्रमिकों की समस्या से अवगत कराया लेकिन उस स्तर से कोई राह न निकलने पर श्रमिकों को संतोषप्रद आश्वासन नहीं दे पाए। इस महिलाएं भड़क गई और साढ़े तीन बजे उन्होंने पंचायत भवन पर ताला जड़ दिया, बाहर बैठ गई। सरपंच भील, पंच शिवराज गुर्जर समेत आधा दर्जन कर्मचारी अन्दर बंद कर दिए।
बाद में घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर पहुंची उपसरपंच टीना पोरवाल ने श्रमिकों से समझाइश कर ताला खोलने को कहा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आन्दोलन में उनके साथ हैं और महिलाओं को साथ लेकर कोटा जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया जाएगा। तब जाकर उन्होंने ताला खोला और गांव चली आई।
वन विभाग में होते हैं कार्य स्वीकृत
उल्लेखनीय है कि बस्ती वन क्षेत्र में होने से यहां अन्य कार्य बहुत कम स्वीकृत होते हैं। वन विभाग में ही कार्य स्वीकृत होते हैं। इससे ही लोगों को रोजगार मिलता है। लेकिन, विभाग की उदासीनता के चलते लम्बे समय तक कार्य स्वीकृत नहीं हो पाते। इससे कभी 3 महीने तो कभी 6 महीने तक श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल पाता। इस बारे में जगपुरा चौकी के फॉरेस्टर हरिमोहन कहार का कहना है कि कार्य स्वीकृति के प्रस्ताव भिजवाए जा चुके हैं। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी कार्य शुरू होंगे।
रोजगार नहीं मिलने से श्रमिकों के सब्र का बांध टूटने लगा है। ढाई माह से बेरोजगार श्रमिक काम पाने की आस में रोज पंचायत के चक्कर लगा रहे हैं। श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। – गजानंद भील, आलनियां सरपंच