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कही आपका रूमाल तो नहीं बना रहा बीमार
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कही आपका रूमाल तो नहीं बना रहा बीमार

हाइजनिक होता है टिश्यू पेपर का प्रयोग, देश में प्रति व्यक्ति 123 ग्राम है टिश्यू पेपर की खपत
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वाराणसी

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Devesh Singh

•

Updated: 7 Sep 2018, 5:17 PM IST

वाराणसी. कही आपका रूमाल तो बीमार नहीं बना रहा है। रूमाल के प्रयोग में असावधानी बरती तो स्वास्थ्य खराब हो सकता है। रूमाल से अधिक हाइजनिक अब टिश्यू पेपर हो गया है। दुनिया में प्रति व्यक्ति टिश्यू पेपर की खपत किलोग्राम में है जबकि भारत में प्रति व्यक्ति 123 ग्राम टिश्यू पेपर ही उपयोग होता है। यह जानकारी सेंचुरी पल्प एंड पेपर के चीफ सेल्स ऑफिसर डा.आलोक प्रकाश ने होटल रमांडा में पत्रकारा वार्ता के दौरान दी।
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उन्होंने कहा कि रूमाल का प्रयोग हम शुरू से करते आये हैं। हाथ धोया और रूमाल से पोंछने के बाद उसे जेब में रख दिया। रूमाल में नमी बनी हुई है जिससे बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिलता है जो आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। डा.आलोक प्रकाश ने कहा कि अब समय बदल गया है। टिश्यू पेपर बहुत हाइजनिक हो गये हैं। टॉयलेट से लेकर सैलून में प्रयोग होने वाले टिश्यू पेपर अलग-अलग होते हैं जो स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। यहां तक की हाथ पोंछने के लिए भी अलग टिश्यू पेपर आता है। डा.आलोक का दावा है कि इससे स्वास्थ्य को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं होती है। देश के महानगरों में टिश्यू पेपर का जमकर प्रयोग हो रहा है। पीएम नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र दुनिया का सबसे प्राचीनतम शहर है यहां पर भी टिश्यू पेपर का प्रचलन बढ़ा है। हम लोग पीएम के स्वच्छता अभियान से जुड़ कर स्वस्थ्य समाज की स्थापना करना चाहते हैं। कंपनी ने लोगों के लिए नये टिश्यू पेपर लांच किया है जिसका उपयोग सुविधाजनक होने के साथ लाभकारी भी है। इस अवसर पर कंपनी के देवजीत सेन गुप्ता भी उपस्थित थे।
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टिश्यू पेपर बनाने के लिए पर्यावरण को नहीं पहुंचा रहे नुकसान
कंपनी का दावा है कि टिश्यू पेपर बनाने के लिए हम पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं। टिश्यू पेपर के लिए खास तरह के पेड़ होते हैं जिनकी आयु पांच साल ही होती है इसके बाद पेड़ खुद ही सूखने लगते हैं। कंपनी ने उत्तराखंड में प्रोडक्शन यूनिट लगायी हुई है। यदि हम टिश्यू पेपर लगाने के लिए एक पेड़ काटते हैं तो उससे पहले पांच पेड़ लगाते भी है। हमारे टिश्यू पेपर किसी तरह से भी पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं इसलिए सभी लोगा इसका उपयोग कर सकते हैं।
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