
वाराणसी. आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने शनिवार को आरएसएस के विभिन्न विभागों की बैठक ली। बैठक में आरएसएस प्रमुख ने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति की पहचान हमारे गांव होते हैं। गांव का विकास होना चाहिए। गांव के विकास गाय की पृष्टभूमि पर होना चाहिए।
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बैठक में आरएसएस प्रमुख ने कहा कि गौमाता का गोबर, मूत्र आदि आदि का चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत उपयोग हो सकता है। गांव में इन चीजों की सुविधा मिलने से गांव के साथ गौमाता की भी रक्षा होगी। गांव का विकास किये बिना देश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ संस्था देश में रह कर हिन्दुओं का धर्मांतरण करने में जुटी रहती है, ऐसे में स्वंयसेवकों का कत्र्तव्य है कि वह लोगों को अपने धर्म के प्रति सचेत करें और धर्मांतरण कराने वाली संस्थाओं का प्रतिकार किया जाये। इसके अतिरिक्त आरएसएस चीफ ने स्वंयसेवकों को समाज व देश के कल्याण में लग जाने को कहा है। उन्होंने कहा कहा कि मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखते हुए ही कार्य करना चाहिए।
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बीजेपी के कई नेताओं पर गिर सकती है गाज
आरएसएस की बैठक को लेकर सूत्रों ने बताया कि बीजेपी के नेता व पदाधिकारियों की भूमिका पर भी चर्चा की गयी है। जो नेता व पदाधिकारी आरएसएस के सिद्धांतों के अनुसार कार्य नहीं करते हैं उन पर जल्द ही गाज गिर सकती है। बैठक के पहले ही स्वंयसेवकों ने ऐसे नेताओं की गोपनीय रिपार्ट तैयार की है, जिससे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को दिया जा चुका है। गौरतलब है कि यूपी में सत्ता मिलने के बाद से बहुत से बीजेपी नेता व पदाधिकारी ऐसे हैं जो आरएसएस के आर्दश का उल्लंघन कर रहे हैं जिन्हें अब पार्टी से किनारे किया जा सकता है। बैठक के बाद लालपुर स्थित पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल के पास वाले पार्क में स्वंयसेवकों ने शाखा लगायी।
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