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फ्लाईओवर हादसे में बचे जीवित की कहानी उड़ा देगी आपका होश, घंटों कटे सिर के बीच ऐसे जिंदगी बचाने की लगाता रहा गुहार
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फ्लाईओवर हादसे में बचे जीवित की कहानी उड़ा देगी आपका होश, घंटों कटे सिर के बीच ऐसे जिंदगी बचाने की लगाता रहा गुहार

बस में सिरकटी लाशों के बीच लगाता रहा जीवन बचाने की गुहार, लगा कि अब नहीं बच पायेगा जीवन
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 18 May 2018, 5:18 PM IST

वाराणसी. फ्लाईओवर हादसे में बचे एक जीवित व्यक्ति की कहानी आपके होश उड़ा सकती है। रोडवेज बस के पीछे बाइक से चल रहे शक्कर तालाब निवासी शकील की कहानी यह बयां करने के लिए काफी है कि हादसा कितना भयानक था। माला बनाने का काम करने वाला शकील अपने रिश्तेदारी के भाई नसीरुद्दीन शाह के साथ आ रहा था। फ्लाईओवर का बीम जब रोडवेज बस पर गिरा तो शकील भी बस के पिछले हिस्से में फंस गया। शकील ने कहा कि जोर से आवाज हुई और लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है। धुल का गुबार खत्म हुआ तो खुद को बस के नीचे फंसा हुआ पाया। और उसके बगल में किसी का सिर पड़ा था जबकि बस से भी लटकता हुआ सिर दिखायी पड़ रहा था।
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शकील ने बताया कि पहले तो समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। सड़क पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा था इसलिए वाहन भी रेंगते हुए चल रहे थे। रोडवेज की छोटी बस के पीछे उसकी बाइक थी। अचानक तेज आवाज के साथ फ्लाईओवर की बीम गिर गयी। बीम गिरने से बस का एक हिस्सा दब गया। उसकी बाइक भी बस के नीचे आ गयी ओर वह बस के पिछले हिस्से के नीचे फंस गया। शकील ने कहा कि कुछ देर तो समझ नहीं आया था कि क्या हुआ है। चारों तरफ लोगों के चीखने की आवाज आ रही थी कोई कहा रहा था कि मुझे बचा लो। शकील ने कहा कि फंस में इतने खतरनाक ढंग से वह फंसा था कि अपना सिर तक नहीं उठा पा रहा था। सिर घुमा कर देखा तो उसके रोंगटे खड़े हो गये। बगल में किसी की कटा हुआ सिर पड़ा था ऐसा लग रहा था कि उसकी आंखे मुझे ही घुर रही है। लेटे ही लेटे गर्दन को दूसरी तरफ घुमाया तो देखा कि बस की खिड़की से एक सिर लटक रहा है। शकील ने कहा कि वह समझ गया था कि अब उसकी जान जाने वाली है। वहां पर धीरे-धीरे लोगों की चीख-पुकार व कहराने की आवाज कम होने लगी थी। वह आंखे खोलता तो कटा हुआ सिर उसके सामने आ जाता था यदि आंख बंद करता तो लगता कि मौत उसे लेने आ रही है। शहील इसी हालत में काफी देर तक पड़े हुए अपनी मौत का इंतजार करता रहा। इसके बाद पहुंच राहत दल ने बस के पिछले हिस्से में फंसे शकील व उसके भाई को निकाला तो उसे लगा कि नया जीवन मिल गया है। शकील ने कहा कि यह उसका नया जीवन है लेकिन वह कभी उन कटे हुए सिर को भूल नहीं सकता है आज भी उसे लगता है कि कटे हुए सिर ही आंखे उसे घुर रही है।
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जीवित बचे हुए लोगों के बयान से मृतकों की संख्या को लेकर लग रही अटकलें
जीवित बचे हुए लोगों के बयान से ही फ्लाईओवर हादसे में मृतकों की संख्या को लेकर अटकले लग रही है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने 18 मौत होने की बात कही थी जबकि जिला प्रशासन ने 15 मौत होने की बात बतायी थी। शकील की माने तो बस भरी हुई थी और जिस तरह से बीम गिरा था उसमे एक दर्जन से अधिक लोग हताहत हो सकते थे। मृतकों की संख्या की राज का खुलासा कब होगा यह कहना मुश्किल है लेकिन इतना तो साफ है कि जिन लोगों को नया जीवन मिला है वह इस घटना को कभी नहीं भूल सकते हैं।
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