
बीस साल में भी खस्ताहाल सड़क की नहीं बदली सूरत
विदिशा/लटेरी. सिरोंज चौराहा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक की मुख्य सड़क करीब 20 साल से खस्ताहाल है। लेकिन इसकी सूरत अब तक जनप्रतिनिधि या प्रशाासनिक अधिकारी नहीं बदल पाए हैं। वहीं शहर की अंदरूनी सड़कें भी खस्ताहाल होने से वाहन चालकों के साथ ही राहगीरों को आए दिन परेशान होना पड़ रहा है। जबकि बारिश में मुख्य मार्ग सहित शहर में जगह-जगह सड़कों पर कीचड़ हो जाती है, लेकिन नागरिकों की समस्या के निराकरण की ओर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मालूम हो कि सिरोंज चौराहा से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक के मुख्य मार्ग से एक तरफ सिरोंज तो दूसरी तरफ भोपाल जाने का रास्ता है। इस मार्ग से प्रतिदिन बस, ट्रक सहित सैकड़ों हैवी वाहन प्रतिदिन निकलते हैं। जिसके चलते यह मार्ग प्रतिदिन खस्ताहाल होता जा रहा है। जिसके चलते वाहनों में रखरखाव कार्य अधिक निकल रहा है। वहीं बारिश में वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
दिनभर उड़ते हैं धूल के गुब्बारे
इस खस्ताहाल सड़क की वजह से जैसे ही कोई वाहन निकलता है, तो यहां धूल के गुब्बारे उड़ते नजर आते हैं। दिनभर इस मार्ग पर धूल के गुब्बारे उडऩे के कारण नागरिक खासे परेशान हैं। दुकानदारों को दिन में कई बार सामान की साफ-सफाई करना पड़ती है, फिर भी धूल की परत सामान पर जम ही जाती है। वहीं धूल से बचाव के लिए नागरिक अपने घर और दरवाजे की खिड़कियां बंद रखते हैं। धूल से बचाव के लिए कई लोगों ने खिड़की-दरवाजों पर मोटी पॉलीथिन के परदे डाल रखे हैं।
नगर की अंदरूनी सड़कें भी खस्ताहाल
नगर से निकले मुख्य मार्ग के अलावा नगर की अंदरूनी सड़कें भी खस्ताहाल हैं। पानी की पाइपलाइन डालने के लिए की गई खुदाई के बाद ठीक से पूरनी नहीं की गई, जिसके चलते बारिश में शहर में जगह-जगह कीचड़ ही कीचड़ नजर आता है। दीवाल वाली माता रोड, मड़इया माता मंदिर रोड, शासकीय कन्या मिडिल स्कूल रोड ओर बाजार मुख्य रोड पर बारिश में नागरिकों का पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
व्यापारी कर चुके सड़क निर्माण की मांग
मालूम हो कि इस मार्ग के निर्माण की मांग व्यापारी पूर्व में कर चुके हैं। इसके लिए दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानों के सामने रोड नहीं तो वोट नहीं के स्लोगन तक लिखवाए थे। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों से आश्वासन के अतिरिक्त कुछ नहीं मिला।
बारिश में होती है कीचड़
इस मार्ग पर जरासी बारिश में कीचड़ ही कीचड़ हो जाता है। जिससे यहां से वाहन निकलने पर कीचड़ दुकानों और नागरिकों पर उछल जाता है। जिससे विवाद की स्थिति बनती है। वहीं कीचड़ के कारण दो पहिया वाहन फिसलकर गिरते हैं। राहगीरों का तो पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है।
इनका कहना है...
सड़क निर्माण के लिए हमारे द्वारा जून माह में 3 करोड़ 8 2 लाख रुपए की डीपीआर भेज दी गई थी। लेकिन शासन से अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इस कारण सड़क निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा।
भुल्लासिंह चौहान, सीएमओ, लटेरी
इस सड़क के संबंध में डीपीआर भेज दी गई है। स्वीकृति होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं गड्ढों में फिलहाल मुरम डलवा दी है।
बृजेश शर्मा, एसडीएम, लटेरी
Published on:
1 Aug 2018, 12:06 PM IST
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