
Kash Patel
FBI Director Kash Patel: अमेरिका के संघीय जांच एजेंसी FBI के निदेशक के तौर पर भारतवंशी काश पटेल ने कमान संभाल ली है। काश पटेल ने आधिकारिक तौर पर ओवल ऑफिस में एक समारोह के दौरान आयोग पर साइन कर लिए हैं। काश पटेल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के करीबी माने जाते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहायक और व्हाइट हाइट से डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्कैविनो ने गुरुवार को काश पटेल की नियुक्ति की पुष्टि कर दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्कैविनो ने कहा कि संघीय जांच ब्यूरो के नौवें निदेशक, काश पटेल को बधाई। काश को उनके नए एक्स अकाउंट पर फॉलो करें: @FBIDirectorKash। इतना ही नहीं उन्होंने बॉ़लीवुड़ स्टाइल में काश की FBI की नियुक्ति पर बधाई दी है।
डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्कैविनो ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से X पर एक वीडियो पोस्ट किया है। जिसमें बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह के एक गाने को काश पटेल को डेडिकेट किया है।
वहीं नियुक्ति होने के तुरंत बाद काश पटेल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट करते हुए एक कड़ी वॉर्निंग जारी की है। काश पटेल ने कहा कि जो लोग अमेरिका और यहां के लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं वो इसे अपने लिए वॉर्निंग समझें, हम दुनिया के किसी भी कोने के आपको ढूंढ निकालेंगे।”
काश पटेल ने कहा कि FBI के पास "G-मेन" से लेकर 9/11 के मद्देनजर हमारे देश की सुरक्षा करने तक की एक समृद्ध विरासत है। अमेरिकी लोग एक ऐसी FBI को देखना चाहते हैं जो पारदर्शी, जवाबदेह और न्याय के प्रति प्रतिबद्ध हो। हमारी न्याय प्रणाली के राजनीतिकरण ने जनता के विश्वास को कम कर दिया है। काश ने कहा कि एक निदेशक के तौर पर उनका मिशन साफ है कि अच्छे पुलिसकर्मी ही पुलिस में रह सकते हैं।
बता दें कि काश पटेल मूल रूप से भारत के गुजरात से हैं। उनका पूरा नाम कश्यप पटेल है। उनके पिता 1970 के दशक में अमेरिका आ गए थे। 1980 में न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में काश पटेल का जन्म हुआ। उन्होंने ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन फैकल्टी ऑफ लॉज से कानून की पढ़ाई की है। वे एक अमेरिकी वकील और राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अमेरिका की राजनीति और सुरक्षा नीति में अहम भूमिका निभाई है। काश इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में आतंकवाद निरोध के वरिष्ठ निदेशक के तौर पर काम कर चुके हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान वे चर्चा में आए थे। काश ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, रक्षा विभाग में का किया हुआ है। वे हाउस इंटेलिजेंस कमेटी में रिपब्लिकन स्टाफ के वरिष्ठ सदस्य भी रह चुके हैं। जहां उन्होंने रूस के साथ कथित संबंधों की जांच के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वे ‘न्यूनस मेमो’ (Nunes Memo) के सह-लेखक भी रहे हैं। इस किताब ने रूस की जांच में FBI और न्याय विभाग (DoJ) की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
Updated on:
21 Feb 2025, 10:21 AM IST
Published on:
21 Feb 2025, 8:58 AM IST
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