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CAPITOL HILL VIOLENCE : हिलेरी क्लिंटन बता रही हैं, अमरीका को क्यों भारी पड़ा श्वेत चरमपंथ को बढ़ावा

-2016 में राष्ट्रपति की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन का कहना है ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने ट्रंप को बैन कर अच्छा किया, लेकिन उनके भडक़ाऊ भाषण और साजिश के सिद्धांतों का प्रसार भी रोकना जरूरी है।
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Pushpesh Sharma

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Updated: 18 Jan 2021, 1:08 AM IST

CAPITOL HILL VIOLENCE : हिलेरी क्लिंटन बता रही हैं, ट्रंप को क्यों भारी पड़ा श्वेत चरमपंथ को बढ़ावा

ट्रंप ने अमरीका को सिर्फ श्वेत वर्चस्ववादियों के नजरिए से ही देखा।

कैपिटल हिल पर हुआ हमला डॉनल्ड ट्रंप की श्वेत वर्चस्ववादी सोच को उकसाने का नतीजा है। यह भी सच है कि ट्रंप के जाने के बाद भी इस समस्या का स्थायी हल आसान नहीं है। ऐसी चुनौतियों को हमें मिलकर लडऩा चाहिए। मैंने 11 सितंबर 2001 को न्यूयॉर्क के एक सीनेटर के रूप में अपने अनुभवों और 9/11 आयोग की रिपोर्ट को याद किया। रिपोर्ट में कहा गया कि आतंकी हमले के पीछे प्रशासनिक ‘गुमान’ एक वजह थी। नेताओं ने खतरे की गंभीरता को नहीं समझा। 20 वर्ष बाद फिर वही गुमान नजर आया। जहां एक राष्ट्रपति ने हिंसा भडक़ाकर देश को नुकसान पहुंचाया, देश के नेता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साजिश रचते रहे। ट्रंप ने अमरीका को सिर्फ श्वेत वर्चस्ववादियों के नजरिए से ही देखा। उन्होंने व्हाइट हाउस में भी श्वेत लोगों को बड़े और प्रभावशाली पदों पर नियुक्त किया। जिस तरह से उनकी सत्ता लोलुपता ने हिंसा को हवा दी, वह देश के लिए नहीं भूलने वाला सबक होगा।

सरल व्याख्या है कि जब तक आप उस खतरे को अनुभव नहीं करते, तब तक सिद्धांतों की शक्ल में पल रही साजिशों को समझना मुश्किल है। ऐसा सबक मैंने भी सीखा है। मेरे पास उन लोगों के अप्रिय अनुभवों का हिस्सा है, जो मानते थे कि मैं गलत थी। हेल्थकेयर सुधार को लेकर मेरे पुतले जलाए गए। आरोप लगाया गया कि पिज्जा पार्लर की आड़ में पीडोफीलिया रिंग (बाल शोषण रैकेट) चलाती हूं। ट्रंप के एक समर्थक ने मेल बम तक भेजा।

अमरीका में कैपिटल हिल की हिंसा के पीछे ये थी बड़ी वजह!

कट्टर सोच के घातक परिणाम
कट्टर सोच के कई बार घातक परिणाम सामने आते हैं। पिछले वर्ष मिशिगन के लोगों को यह अहसास हुआ, जब सशस्त्र मिलिशिया सदस्यों ने उनके गवर्नर के अपहरण की साजिश रची। आज पूरे अमरीका ने श्वेत कट्टरता के दुष्प्रभावों को अनुभव किया है। कैपिटल हिल पर हमला करने वाले घरेलू विद्रोहियों पर मुकदमा चलाना पर्याप्त नहीं है। हमें अपनी आत्मा को टटोलना होगा। ट्रंप को पद से हटाना जरूरी है और मेरा मानना है कि उन पर महाभियोग लाना चाहिए। हमारे लोकतंत्र को चोटिल करने वाले कांग्रेस सदस्यों को इस्तीफा दे देना चाहिए, साथ ही घरेलू ‘आतंकियों’ के साथ साजिश रचने वालों को तत्काल निष्कासित कर देना चाहिए। लेकिन खाली ऐसी कार्रवाई से अमरीका में श्वेत वर्चस्व खत्म नहीं होगा, बल्कि इसके लिए कानूनों में प्रावधान लाने होंगे, ताकि चरमपंथियों पर नजर रखी जा सके।