
हूती विद्रोहियों ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें (Photo - ANI)
यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। दोनों पक्षों के बीच हालात काफी गंभीर हो चुके हैं। दोनों पक्षों की तरफ से एक-दूसरे पर हमले किए जा रहे हैं। इसी बीच आज हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर मिसाइल अटैक किया! हूतियों ने 6 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन उनका यह हमका नाकाम हो गया!
हूतियों की बैलिस्टिक मिसाइलों को सऊदी अरब समर्थित यमन की सेना ने हवा में ही तबाह कर दिया! यमन में सऊदी अरब समर्थित गठबंधन सरकार के प्रवक्ता तुर्की अल-माल्की ने कहा है कि उनकी सेना ने हूती विद्रोहियों द्वारा लॉन्च की गई सभी मिसाइलों को मार गिराया!
हूतियों के इस मिसाइल अटैक को नाकाम करने के बाद अल-माल्की ने कहा, "आतंकी हूती विद्रोहियों की ओर से किए जा रहे हमलों से तनाव बढ़ा रहा है और नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, जिसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी!"
अल-माल्की ने बताया कि हूतियों की बैलिस्टिक मिसाइलों का निशाना सऊदी अरब के यानबू और ताइफ शहर थे! हालांकि यमन की सेना के एयर डिफेंस सिस्टम्स ने हूतियों को मिसाइलों को इन दोनों शहरों तक पहुंचने ही नहीं दिया! इस मिसाइल अटैक से पहले सऊदी सिविल डिफेंस ने कुछ समय के लिए मक्का, तबुक, जेद्दा, यानबू और ताइफ के लिए खतरे की चेतावनी भी जारी की थी।
यमन की सेना ने भले ही हूती विद्रोहियों की दागीं हुई बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराते हुए सऊदी अरब के यानबू और ताइफ पर होने वाले हमले को नाकाम कर दिया, लेकिन क्या इन मिसाइलों के मलबे से यमन में कुछ नुकसान हुआ? अल-माल्की ने अपने बयान में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ यमन की सेना को सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है।
Updated on:
24 Sept 2026 07:16 pm
Published on:
24 Sept 2026 06:57 pm
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