
Captain Smit Machchhar (Photo source: X/@IsraelMFA)
Flydubai Flight: फ्लाईदुबई फ्लाइट के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक बड़ी विमान दुर्घटना और हाईजैकिंग की कोशिश को नाकाम कर दिया। इस अदम्य साहस के लिए अब इजरायल सरकार उन्हें अपने सर्वोच्च 'प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' से सम्मानित करने जा रही है। इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने खुद इस बात का ऐलान करते हुए भारतीय पायलट के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
तेल अवीव में आयोजित एक विशेष समारोह में इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने घटना के दौरान मदद करने वाले छह इजरायली यात्रियों को सम्मानित किया। इसी दौरान उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की।
हर्जोग ने कहा, 'कैप्टन स्मित मच्छार के असाधारण साहस, सूझबूझ और पेशेवर कौशल की वजह से एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। वह फिलहाल अबू धाबी में इलाज करा रहे हैं। जैसे ही वह पूरी तरह ठीक हो जाएंगे, इस्राइल की जनता की तरफ से उन्हें यह सम्मान देना हमारे लिए बेहद गर्व और सौभाग्य की बात होगी।'
यह घटना 30 सितंबर की है, जब फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 हवा में थी। कॉकपिट के अंदर ओमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी ने अचानक विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की नीयत से कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर रूप से लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी क्रू मेंबर्स ने तुरंत कॉकपिट में घुसकर हमलावर को दबोच लिया।
इस छीना-झपटी में प्लेन सिर्फ दो मिनट के अंदर करीब 16,000 फीट की गहराई में नीचे गिर गया था। तुरंत हाईजैक का इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। कैप्टन स्मित की वजह से ही फ्लाइट में सवार सभी 180 यात्री पूरी तरह सुरक्षित बच गए।
हमले में गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छार का फिलहाल अबू धाबी के अस्पताल में इलाज चल रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और यूएई स्थित भारतीय दूतावास ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी साझा की है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, कैप्टन स्मित के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है और वे धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं भारतीय दूतावास लगातार उनके परिवार, डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।
Updated on:
09 Oct 2026 09:02 am
Published on:
09 Oct 2026 08:05 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
