
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (फोटो- एएनआई)
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई इजरायल-अमेरिकी हमलों में मारे गए हैं। अब उनकी मौत को लेकर ईरान की सेना ने बड़ा दावा किया है।
ईरान सेना ने बताया कि खामेनेई की मौत शनिवार को ही इजराइली हमले में हो गई थी। जब उन पर हमला हुआ, तब वह दफ्तर में काम कर रहे थे।
इससे पहले, शनिवार को यह खबर आई थी कि खामेनेई के घर पर हमला हुआ है। हालांकि, तब हताहतों की सटीक जानकारी सामने नहीं आई थी।
इस बीच, खामेनेई की मौत के बाद ईरान 40 दिनों का पब्लिक शोक मना रहा है। शिया इस्लाम में, मौत के 40वें दिन का बहुत ज्यादा आध्यात्मिक महत्व होता है।
अब सुप्रीम लीडर की मौत के बाद उनके ऑफिस झंडे आधे झुके रहेंगे। श्रद्धांजलि देने के लिए पब्लिक गैदरिंग की योजना बनाई गई है, जो इस्लामिक रिपब्लिक के इतिहास में 37 साल के चैप्टर के खत्म होने का प्रतीक है।
अयातुल्ला खामेनेई क्रांति के फाउंडर रूहोल्लाह खुमैनी के उत्तराधिकारी थे। अधिकारियों ने अशांति रोकने और लोगों की सुरक्षा पक्की करने के लिए पूरे देश में खासकर तेहरान जैसे बड़े शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी है।
खामेनेई के उत्तराधिकारी को चुनने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें संभावित उम्मीदवारों और ईरान के भविष्य के नेतृत्व पर इसके असर के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, युद्ध के समय में यह मुश्किल है. सवाल यह है कि ईरान के भविष्य का 'मालिक' कौन है? मौलवी या रिवोल्यूशनरी गार्ड।
सरकारी मीडिया उनकी मौत को गार्डियन की शहादत के तौर पर दिखा रहा है, जिसमें उनके अंत को हार के तौर पर नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए आखिरी बलिदान के तौर पर दिखाया जा रहा है।
इससे पहले, टाइम्स ऑफ इजराइल ने ईरान के सरकारी मीडिया की उस रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि अली खामेनेई की बेटी, पोता, बहू और दामाद इजराइली-अमेरिकी हमलों में मारे गए। इस बीच, ईरान से आ रही कई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि भीड़ जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आई है।
Updated on:
1 Mar 2026, 9:31 AM IST
Published on:
1 Mar 2026, 8:34 AM IST
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