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Iran US Tensions: ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा बयान: ‘ताकत के दम पर जनता को नहीं झुकाया जा सकता’, UN में उठाएंगे ये मुद्दे

Pezeshkian UN Speech: ईरानी राष्ट्रपति ने सैन्य और आर्थिक दबाव के बीच अपनी रणनीति का संकेत दिया है। UN महासभा में तेहरान किन मुद्दों को दुनिया के सामने रखेगा और क्या इससे अमेरिका-ईरान बातचीत की नई राह खुल सकती है?
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भारत

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Manoj Vashisth

Sep 22, 2026

Masoud Pezeshkian

Masoud Pezeshkian : ईरान के राष्ट्रपति बोले- दबाव से नहीं झुकेगी जनता (फोटो सोर्स:X@Iran_in_India)

Iran President MasoudPezeshkian: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर तेहरान का पक्ष रखने न्यूयॉर्क रवाना हो गए हैं। रवाना होने से पहले उन्होंने साफ संकेत दिया कि ईरान दबाव के आगे अपनी शर्तें छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। पेजेश्कियान ने बातचीत में हुए समझौतों के कथित उल्लंघन, ईरानी जनता की शिकायतों और क्षेत्रीय संघर्षों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की बात कही है। ऐसे में उनका UN संबोधन कूटनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

Iran US Tensions: ईरान के राष्ट्रपति बोले- दबाव से नहीं झुकेगी जनता

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के दबाव के बीच कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि किसी देश की जनता को ताकत के इस्तेमाल से आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। पेजेश्कियान मंगलवार तड़के संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए रवाना हुए। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का पक्ष और उसकी शिकायतें सामने रखेंगे।

Al Jazeera X के अनुसार, पेजेश्कियान ने रवाना होने से पहले कहा कि वह ईरानी लोगों की शिकायतों, हाल की घटनाओं और पैदा हुए अविश्वास का मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने दावा किया कि ईरान कई बार बातचीत की मेज पर गया और समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए, लेकिन बाद में उन वादों का पालन नहीं किया गया।

पेजेश्कियान ने गाजा, फिलिस्तीन, सीरिया, यमन और ईरान सहित विभिन्न क्षेत्रों में जारी संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया इन घटनाओं को अपनी आंखों से देख रही है। उनके मुताबिक, ईरान पर दबाव बनाने के लिए विरोधी पक्ष सैन्य माध्यमों के अलावा दूसरे रास्ते भी अपना रहे हैं।

जमीन और हवाई रास्तों पर दबाव का आरोप

ईरानी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि उनके देश को कमजोर करने के लिए परिवहन मार्गों पर रोक, आंतरिक मतभेदों को बढ़ावा देने, मीडिया के इस्तेमाल और जातीय समूहों के जरिए विभाजन पैदा करने जैसी कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन तरीकों का मकसद ईरान की अंदरूनी कमजोरियों का फायदा उठाकर जनता पर दबाव बढ़ाना है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाओं को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेजेश्कियान से UN महासभा के दौरान मुलाकात की संभावना से इनकार नहीं किया है। हालांकि, दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर कई मुद्दे अभी भी विवादित हैं।