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ईरान की दो-टूक – ‘दुश्मन की बयानबाजी का कोई मतलब नहीं, होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा पूरा कंट्रोल’

Iran-US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और होर्मुज स्ट्रेट पर भी दोनों आमने-सामने हैं। इसी बीच ईरान ने दो-टूक सुना दी है कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर उसका पूरा कंट्रोल है।
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भारत

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Tanay Mishra

•

Sep 28, 2026

Strait of Hormuz

होर्मुज स्ट्रेट (Representational Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव बरकरार है। कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान की तरफ से पेश किए गए सीज़फायर के नए प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक फोटो भी शेयर की थी जिसमें होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को 'ट्रंप स्ट्रेट' (Strait of Trump) बताया था। इस रणनीतिक जलमार्ग पर भी दोनों देश आमने-सामने हैं। ट्रंप जहाँ होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का कंट्रोल बताते हैं, तो ईरान का पक्ष साफ है कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर हमेशा ईरान का कंट्रोल रहा है और भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा। इस मामले में अब ईरान के एक सीनियर कमांडर ने ने दो-टूक सुना दी है।

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का पूरा कंट्रोल

ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल हबीबोल्लाह सय्यारी (Habibollah Sayyari) ने इस मामले में बयान देते हुए कहा, "दुश्मन की बयानबाजी का कोई मतलब नहीं है। सच तो यह है कि होर्मुज़ स्ट्रेट पर हमारा पूरा कंट्रोल है।"

आईआरजीसी का है प्रभावी रूप से कंट्रोल

सय्यारी ने आगे कहा, "हम ओमान सागर के उत्तर और होर्मुज़ स्ट्रेट के पूर्व में मज़बूती से कार्रवाई करते हैं और किसी को भी वहाँ से गुज़रने नहीं देते। होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में जो होर्मुज स्ट्रेट का ही क्षेत्र है और फारस की खाड़ी पर आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) की नेवी का प्रभावी रूप से कंट्रोल है। होर्मुज स्ट्रेट के पूर्व और हिंद महासागर के उत्तर में हमारी नेवी का पूरा कंट्रोल है।"

पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा तैयार है ईरान

सय्यारी ने आगे कहा, "किसी भी खतरे का सामना करने के लिए ईरानी सेना की हाई लेवल पर तैयारी है। हर युद्ध से सबक मिलता है जिनका इस्तेमाल सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए और हमने ऐसा ही किया। हमारी सेना ने अपनी कमजोरियों की पहचान कर ली है और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी करते हुए उन कमजोरियों को दूर करने पर काम कर रही है। आज हम कह सकते हैं कि ईरान पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा तैयार है। ईरानी सेना ने धीरे-धीरे अपनी कमजोरियों को दूर किया है, अपनी क्षमताओं को मज़बूत किया है और खतरों का सामना करने के लिए अपनी तैयारियों को मज़बूत किया है।"