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Donald Trump Iran Attack: 100 दिन की नाकेबंदी, फिर हमले की तैयारी? ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव!

Iran Israel Conflict: अब बड़ा सवाल ये है कि क्या अगला हमला पहले से ज्यादा तबाही ला सकता है? एक तरफ अमेरिका का दबाव, दूसरी तरफ इजरायल की सख्ती और फिर परमाणु हथियारों के चर्चे इन सबने दुनिया की नज रों को पश्चिम एशिया पर गड़ा दिया है।
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भारत

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Manoj Vashisth

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Updated: 23 Oct 2026, 6:16 AM IST

Donald Trump Iran Attack

Donald Trump Iran Attack : ट्रंप का सबसे बड़ा दांव! ईरान पर नए हमले के संकेत (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Iran US War Latest News: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गरमाने लगा है। डोनाल्ड ट्रंप का ताजा बयान सुनकर माहौल और भी गर्म हो गया है। उन्होंने खुलकर कह दिया कि अमेरिका आगे भी ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसकी वजह से खासा बेचैन है। ऊपर से, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी, इजरायल की आक्रामक रणनीति और बार-बार परमाणु हथियारों की धमकी ने हालात को और भड़काए रखा है। गाजा और यमन से आती हिंसक घटनाओं की खबरें भी माहौल को और अशांत कर रही हैं।

Donald Trump Iran Attack: ट्रंप की चेतावनी, आगे के हमलों के संकेत

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते वक्त साफ-साफ कहा कि अमेरिका ने ईरान को तगड़ा नुकसान पहुंचाया है और आगे की कार्रवाइयों के बारे में सोच सकते हैं। उन्होंने सब कुछ विस्तार से नहीं बताया, लेकिन शक्ल इतनी साफ है कि तनाव कम होने के आसार फिलहाल न के बराबर दिख रहे हैं। ट्रंप के इशारे से डर है कि अगर सैन्य कार्रवाई आगे बढ़ी तो संघर्ष और आम लोगों की जान को लेकर चिंता और गहरी हो जाएगी।

Iran Naval Blockade: समुद्री नाकेबंदी से ईरान पर दबाव

दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी को 100 दिन पूरे हो गए हैं। उनके मुताबिक, इससे ईरान का समुद्री व्यापार लगभा ठप सा हो गया है। हालांकि, इस दावे को अलग से किसी ने कन्फर्म नहीं किया। समुद्री रास्तों पर लगी पाबंदी किसी एक देश तक सीमित नहीं रहती तेल के दाम, माल की सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार पर भी इसका असर पड़ता है। लंबा तनाव चलता रहा तो दुनिया के तमाम देशों के लिए इकोनॉमिक झटकों का खतरा है, खासकर उन देशों के लिए जो पश्चिम एशिया से तेल खरीदते हैं।

नेतन्याहू का दावा, परमाणु हथियारों पर विवादित मांग

इसी बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप ने उन्हें युद्ध के ‘अंतिम लक्ष्य’ तक जाने के लिए समर्थन दिया है। इससे पता चलता है कि अमेरिका और इजरायल के बीच मिलकर तैयार की गई रणनीति का खेल चल रहा है, मगर युद्ध आखिर किस दिशा में जाएगा—यह साफ नहीं है। उधर, एक ईरानी सांसद ने अमेरिका के ताजा हमलों की आशंका पर परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की बात कही है। ये बयान बहुत गंभीर है, पर इसका मतलब ये नहीं कि ईरान ने इसका फैसला ले ही लिया है। वैसे भी, परमाणु हथियार चलने का मतलब होगा विनाश और पूरे इलाके का हाल बेहाल होना।

यमन और गाजा भी हिंसा से जूझ रहे हैं। सैन्य मीडिया के मुताबिक, यमन में 'डॉन ऑफ यमन' अभियान के दौरान पिछले 24 घंटों में हूती लड़ाकों पर 780 से ज्यादा हमले हुए। गाजा में भी इजरायली हमलों में कम से कम चार फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इन सब घटनाओं को देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि पश्चिम एशिया चारों तरफ से संकट में घिरा हुआ है।