हालांकि, किम जोंग उन इस बार दक्षिण कोरिया पर तो मेहरबान दिखे, मगर अमरीका पर उनके रुख में कोई नरमी नहीं आई है। संसद सत्र के दौरान किम जोंग उन ने अमरीका पर आरोप लगाया कि उसने उत्तर कोरिया के प्रति अपनी शुत्रुता पूर्ण नीति बदले बिना बातचीत प्रस्ताव दिया है।