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रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन की सबसे बड़ी भूल क्या थी? युद्ध अब तक खत्म क्यों नहीं हुआ, जेलेंस्की ने बताई पूरी बात

Russia-Ukraine war: जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को अलग देश नहीं मानना पुतिन की सबसे बड़ी भूल थी। उन्होंने बुचा नरसंहार, युद्धविराम और ट्रंप से रूस को बातचीत की मेज पर लाने की अपील पर बात की।
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भारत

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Gajanand Prajapat

•

Updated: 22 Oct 2026, 9:38 PM IST

Russia-Ukraine War Update.

व्लादिमीर पुतिन, वोलोदिमीर जेलेंस्की और डोनाल्ड ट्रंप (Photo- IANS)

Russia-Ukraine Peace Talks: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने साल 2022 से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक पॉडकास्ट में बहुत सी बातें बताई हैं। उन्होंने बताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ऐसी क्या गलती थी, जिससे तीन दिन में खत्म होने वाला युद्ध आज भी जारी है। साथ ही उन्होंने बुचा में आम लोगों की हत्या और यातनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युद्धविराम और बातचीत के लिए तैयार होना भी यूक्रेन के लिए एक बड़ा समझौता है।

रूस की सबसे बड़ी गलती क्या थी?

स्टीवन बार्टलेट के पॉडकास्ट में जेलेंस्की ने बताया कि रूस की योजना तीन दिन में युद्ध जीतकर यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा करने की थी। लेकिन यह योजना सिर्फ एक गलतफहमी की वजह से नाकाम हो गई। उन्होंने कहा कि यह गलतफहमी किसी
और कि नहीं बल्कि व्लादिमीर पुतिन की थी। पुतिन की सबसे बड़ी गलती यह थी कि उन्होंने यूक्रेन को एक अलग देश और यहां के लोगों को अलग पहचान रखने वाला राष्ट्र नहीं माना।

यूक्रेनी लोगों ने मोर्चा संभाला

रूसी सैनिक कई दिशाओं से कीव की ओर बढ़े थे। उनके सैन्य वाहनों में परेड की वर्दियां तक मिलीं, जिससे पता चलता था कि उन्हें अभियान जल्द खत्म होने की उम्मीद थी। लेकिन रूसी सेना को यूक्रेन के लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था। उन्हें तब सबसे बड़ा झटका लगा जब कीव के लोगों ने उन पर जलती हुई चीज़ें फेंकनी शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा कि यह रूस की गलतफहमी थी कि यूक्रेन के लोग अपने देश की रक्षा के लिए नहीं लड़ेंगे।

कीव पर कब्जे की योजना क्यों नाकाम हुई?

जेलेंस्की ने बताया कि कीव तक पहुंचने के रास्ते में आने वाले शहरों पर कब्जा बनाए रखने के लिए भी बड़ी संख्या में सैनिकों की जरूरत थी। अगर स्थानीय लोग विरोध करें, तो हर शहर पर नियंत्रण बनाए रखना और मुश्किल हो जाता है। उनके मुताबिक, रूस ने यूक्रेन के लोगों के प्रतिरोध का अंदाजा नहीं लगाया था। यही उसकी सबसे बड़ी भूल बनी।

बुचा में मिले शवों ने बदल दी लोगों की सोच

जेलेंस्की ने यूक्रेन के एक शहर बुचा में मिली सामूहिक कब्रों के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि इन सामूहिक कब्रों ने आम आदमी को रूस की सेना द्वारा दी गई यातनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां बच्चों और वयस्कों समेत करीब 500 शव मिले। उनके अनुसार, लोगों को केवल मारा ही नहीं गया, बल्कि यातनाएं भी दी गईं। उन्होंने शहरों को रूसी कब्जे से मुक्त कराने के बाद पत्रकारों को बुचा बुलाया, ताकि दुनिया इन घटनाओं को देख सके। जेलेंस्की ने कहा कि इन घटनाओं ने रूस के प्रति यूक्रेनी लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया।

ट्रंप से युद्धविराम और न्याय की अपील

जेलेंस्की ने कहा कि युद्धविराम और बातचीत के लिए तैयार होना भी यूक्रेन की ओर से एक बड़ा समझौता है। ऐसी यातनाओं के बाद कौन अपने देश के लिए बातचीत करना चाहेगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को न्याय चाहिए और लोगों का गुस्सा जल्द खत्म नहीं होगा। जेलेंस्की ने ट्रंप से अपील की कि वे पुतिन के प्रति भी वैसी ही सख्त भाषा अपनाएं, जैसी उनके प्रति अपनाते हैं, और रूस को बातचीत के लिए तैयार करें।