
Serial killer
Serial Killer ; एक खतरनाक सीरियल किलर खलूशा ने अपनी पत्नी सहित हत्याओं की बात कुबूल कर ली है। अभियोजकों ने पुष्टि की कि पीड़ितों की हत्या 2022 और खलूशा की गिरफ्तारी की तारीख के बीच की गई थी। जब उसके घर की तलाशी ली गई, तो पुलिस को अन्य चीजों के अलावा एक छुरी, औद्योगिक रबर के दस्ताने, सेलोटेप के रोल और नायलॉन की बोरियां मिलीं।
जिस व्यक्ति का यह घर था, उसने अपनी पत्नी सहित 42 महिलाओं की हत्या करने और कई पीड़ितों को क्षत-विक्षत करने, शरीर के अंगों को बोरे में भरकर केन्या की राजधानी नैरोबी में एक कबाड़खाने में फेंकने की बात कुबूल की है।
जानकारी के अनुसार 33 वर्षीय कोलिन्स जुमैसी खलुशा को "पिशाच" और "मनोरोगी सीरियल किलर" के रूप में वर्णित किया गया है, जिसका मानव जीवन के लिए कोई सम्मान नहीं है। देश में राजनीतिक उथल-पुथल और लिंग आधारित हिंसा की बढ़ती लहर के बीच खलूशा की खौफनाक हरकतें सामने आई हैं।
यह भयावह खोज तब शुरू हुई जब नैरोबी की मुकुरू मलिन बस्तियों में कूड़े के ढेर के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली एक परित्यक्त खदान में नौ महिलाओं के क्षत-विक्षत शव पाए गए। यह स्थान, स्थानीय निवासियों के लिए एक डंपिंग ग्राउंड, खलूशा के कई कथित पीड़ितों के लिए अंतिम विश्राम स्थल बन गया। संदिग्ध, जो पास के एक जर्जर कमरे में रहता था, ने अपने पीड़ितों को फुसलाने, मारने और जमीन पर फेंक देने की बात कुबूल की।
केन्याई पुलिस ने खोज के कुछ दिनों बाद खलूशा को गिरफ्तार कर लिया। अभियोजकों ने पुष्टि की कि खलूशा ने अपनी पत्नी सहित हत्याओं की बात कुबूल कर ली है। पीड़ितों की हत्या 2022 और खलूशा की गिरफ्तारी की तारीख के बीच की गई थी।
पीड़ितों में मुकुरु क्वा नजेंगा की 26 वर्षीय बाल चोटी बनाने वाली जोसेफिन ओविनो भी शामिल थी। एक सुबह एक फ़ोन कॉल आने के बाद ओविनो गायब हो गई। उसकी बहन, पेरिस कीया, उसकी तलाश कर रही थी, अंततः डंपिंग ग्राउंड तक पहुंची, जहां उसने स्थानीय लोगों को शवों की खोज करने के लिए मना लिया। उनके प्रयासों से कटे-फटे अवशेषों से भरे बोरे खुले।
शवों की फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। एक सरकारी रोगविज्ञानी डॉ. जोहान्सन ओडुओर के अनुसार, अधिकतर बोरियों में कटे हुए अंग और धड़ थे। केवल एक अक्षुण्ण शव मिला, और किसी भी शव पर गोली के घाव नहीं थे। एक पीड़ित का गला घोंट दिया गया था। डीएनए विश्लेषण ने दो शवों की पहचान की है। हालांकि कई शव अत्यधिक सड़न के कारण अज्ञात बने हुए हैं।
लापता महिलाओं की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने में विफल रहने के लिए केन्याई पुलिस बल की आलोचना की गई है। यह तथ्य कि डंपिंग ग्राउंड एक पुलिस स्टेशन के पास स्थित है, उसने पुलिस की निगरानी और क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।इन हत्याओं के खुलासे ने पहले से ही राजनीतिक अशांति और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे देश केन्या को हिला कर रख दिया है। कर वृद्धि और सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध व्यापक हो गया है।
कई लोगों को डर है कि अधिकारी राजनीतिक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए खालूशा के मामले का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस संदेह को खलूशा के वकील, जॉन मैना नेडेगवा ने बढ़ावा दिया है, जो दावा करते हैं कि उनके मुवक्किल के साथ अधिकारियों ने दुर्व्यवहार किया था और अपराध कुबूल करने के लिए मजबूर किया था।
पहली अदालत में पेशी के दौरान, उनके वकील ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए खलूशा को चिकित्सा सहायता दिलाने की मांग की। अदालत ने खलूशा की हिरासत की अवधि बढ़ा दी है, जिससे जांचकर्ताओं को अपना मामला बनाने के लिए अधिक समय मिल गया है।
Updated on:
21 Jul 2024 05:05 pm
Published on:
21 Jul 2024 05:05 pm
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