साई इंग-वेन के अनुसार, हम शांति चाहते हैं लेकिन हमारे लोकतंत्र और जीवन शैली को ख़तरा पहुँचा तो ताइवान आत्मरक्षा के लिए जो भी ज़रूरी समझेगा, करने के लिए तैयार है। यही नहीं, ताइवान ने दुनियाभर के देशों से आग्रह किया है कि चीन के व्यापक ख़तरे को समझना होगा। उन्होंने कहा, दुनिया को समझने की ज़रूरत है कि ताइवान अगर चीन के हाथ में चला गया तो क्षेत्रीय शांति के लिए यह विनाशकारी होगा। यह लोकतांत्रिक साझेदारी के लिए भी विध्वंसकारी साबित होगा।