
आगरा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया गया। लंबे समय से चल रही एसआईटी की जांच के बाद अब विश्वविद्यालय बीएड सत्र 2004-05 की फर्जी एवं टैम्पर्ड अंकतालिकाएं निरस्त करेगा। इस फैसले से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि इन फर्जी अंकतालिकाओं में कई अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो सरकारी नौकरी पा चुके हैं।
दिया जाएगा पक्ष रखने का मौका
आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने बताया कि बीएड सत्र 2004-05 के अभ्यर्थियों को पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया जा रहा है। इस दौरान वे विवि के समक्ष प्रस्तुत होकर प्रवेश लेने और पढ़ाई करने के साक्ष्य दे सकते हैं। बता देें कि एसआईटी ने लंबी जांच-पड़ताल के बाद विवि को फर्जी मार्कशीट की सूची सौंपी थी। एसआईटी की पहली सूची में 4,570 रोल नंबर थे। इसके बाद दी गई संशोधित सूची में 4,704 थे। इस कारण से अंतिम सूची मांगी गई है।
प्रकाशित होगी सूचना
कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों के पते उपलब्ध हैं, उनको डाक से पत्र भेजकर अवगत कराया जाएगा, उनका पक्ष पूछा जाएगा। इसके अलावा सभी चिह्नित अभ्यर्थियों की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डाल दी जाएगी।
Published on:
7 Dec 2019, 9:45 AM IST
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