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भाजपा के लिए सपना ही रहेगी मैनपुरी सीट, मुलायम सिंह यादव से पार पाना ‘नामुमकिन’

मैनपुरी लोकसभा सीट से 1996 में लड़ा था चुनाव मुलायम सिंह ने चुनाव, तब से अजेय हैं मुलायम सिंह यादव, 2014 में नरेन्द्र मोदी की आंधी में भी मुलायम सिंह की शानदार जीत हुई थी
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आगरा

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Abhishek Saxena

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Updated: 15 Jun 2018, 6:39 PM IST

mulayam singh yadav

Mulayam Singh Yadav

मैनपुरी। अगर ये कहें कि मैनपुरी सीट का समाजवादी पार्टी ने अपने नाम पट्टा करा लिया है, तो गलत नहीं होगा। 1996 से अब तक आठ बार हुए चुनाव में समाजवादी पार्टी लगातार यह सीट जीतती आ रही है। लोकसभा चुनाव 2014 में तो नरेन्द्र मोदी की आंधी चल रही थी। फिर भी समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव ने शानदार जीत दर्ज करके सबको चौंका दिया था। तब मुलायम सिंह तीन लाख 64 हजार 666 मतों से जीते थे। 1952 से लेकर अब तक के चुनाव परिणाम पर दृष्टिपात करें तो मैनपुरी लोकसभा सीट भारतीय जनता पार्टी के लिए सपना ही है। अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मैनपुरी से मुलायम सिंह को चुनाव लड़ाने की घोषणा करके इस सीट को एक बार फिर से अविजित बना दिया है। मैनपुरी के लोग मुलायम सिंह को सम्मान के सथ ‘दद्दा’ कहकर संबोधित करते हैं। मुलायम सिंह के नाम से ही लोग रोमांचित हैं।

मोदी लहर हो गई हवा
2014 लोकसभा चुनाव में जब मोदी लहर चली थी। उस समय भी मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी खेमे के लिए बड़ी जीत दर्ज की थी। भाजपा के शत्रुघ्न सिंह चौहान को हराया था। मुलायम सिंह ने 2014 के चुनाव में 5,95,918 वोट हासिल किए थे। वहीं भाजपा के शत्रुघ्न सिंह को 2,31,252 वोट मिले।

2009 में बसपा को मिली थी पटखनी
इस सीट पर 2009 में मुलायम सिंह यादव के आगे बसपा भी पस्त हुई थी। पूर्व रक्षामंत्री को इस चुनाव में 3,92,308 वोट मिले थे। वहीं बसपा ने विनय शाक्य को यहां से लड़ा था, जिन्हें 2,19,239 वोट प्राप्त हुए।

2004 में धर्मेंद्र ने लड़ा था चुनाव
मुलायम सिंह ने 2004 का चुनाव में इस सीट पर चुनाव लड़ा था और फिर उसके बाद ये सीट छोड़ दी थी। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उस समय 4,60,47 वोट हासिल किए और बसपा के अशोक शाक्य को 1,22,600 वोट मिले। लेकिन उन्होंने ये सीट छोड़ी और अपने भतीजे को लड़ाया। मुलायम सिंह के भतीजे धर्मेंद्र यादव ने भी यहां जीत हासिल की। धर्मेंद्र यादव 3,48,999 वोट हासिल हुए और बसपा के आशोक शाक्य को 1,69,286 वोट मिले।

उपदेश सिंह चौहान दे सके मुलायम को टक्कर
1996 में इस सीट पर मुलायम सिंह यादव ने जब चुनाव लड़ा तो उन्हें यहां कड़ी टक्कर मिली। भारतीय जनता पार्टी के उपदेश सिंह चौहान को मुलायम सिंह यादव ने करीब 50 हजार वोटों से हराया लेकिन, उपदेश सिंह चौहान ने मुलायम सिंह को कड़ी टक्कर दी थी। मैनपुरी के किशनी, करहल, कुरावली और कुसमुरा जैसे यादवों के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्र से उन्होंने मुलायम सिंह यादव को पीछे छोड़ दिया था। लेकिन, उस समय जसराना का क्षेत्र मैनपुरी लोकसभा में शामिल था, जिसने मुलायम सिंह ने जीत दिलाई। मुलायम सिंह को इस चुनाव में 2,73,303 वोट मिले जबकि भाजपा के उपदेश सिंह चौहान को 2,21,345 वोट प्राप्त हुए।


मैनपुरी में लगती हैं पांच विधानसभा
बता दें कि मैनपुरी में पांच विधानसभा लगती हैं। भौगांव, घिरोर, करहल, किशनी और मैनपुरी। जहां कुल जनसंख्या के 35% करीब 12.3 लाख वोटर्स यादव हैं। अन्य जातियों में शाक्यख् राजपूत, ब्राह्मण, एससी और मुस्लिम शामिल हैं।

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