
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने भाजपा पर सीधा हमला बोला है। कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सदन में विपक्षी सदस्यों की अनदेखी की गई। उनके माइक बंद कर दिए गए। सदन के भीतर रखी गई उनकी बातों को बाहर नहीं दिखाया गया। कैमरा सिर्फ सत्ता पक्ष की ओर केंद्रित था। कहा कि भाजपा गठबंधन का जिसने भी साथ दिया वे सभी नर्क में चले गए।
आगरा। समाजवादी पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल ने मंगलवार को अचानक ही सपा के जिला कार्यालय का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने कुछ ऐसा देखा कि सपा के जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव और महागनर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार को हटा गया। साथ ही जिला और महानगर कार्यकारिणी को भी बर्खास्त कर दिया गया।
क्या था नजारा
प्रोफेसर रामगोपाल फतेहाबाद रोड स्थित सपा के जिला कार्यालय पहुंचे। मुख्य द्वार खुला हुआ था। अन्य कमरों पर ताला लगा था। कार्यालय में कुत्ता सो रहा था। फर्श उखड़ा हुआ था। गंदगी थी। शौचालय गंदा पड़ा था। पानी नहीं था। कोई पदाधिकारी या कार्यकर्ता कार्यालय में नहीं था। कायदे से कोई न कोई पदाधिकारी कार्यालय में होना चाहिए। इस पर उन्होंने सपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को कुछ निर्देश दिया। इसके बाद पार्टी पदाधिकारियों की खाट खड़ी हो गई। सोशल मीडिया पर संदेश वायरल हो गया।
फर्जी काम
बताया गया है कि जिला और शहर इकाइयों को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बूथ कमेटियां गठित करनी थीं। दोनों इकाइयों ने नाम-पते-फोन नम्बर की सूचना पार्टी को भेज दी। वहां से सत्यापन किया गया तो तमाम नाम फर्जी निकले। इससे भी पार्टी नाराज थी। ऊपर से प्रोफेसर रामगोपाल ने निर्देश दे दिया।
कोई जानकारी नहीं
इस बारे में रामसहाय यादव और चौधरी वाजिद निसार का कहना है कि अध्यक्ष पद से हटाए जाने के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पार्टी का जो भी आदेश होगा, उसका अनुपालन किया जाएगा। राम सहाय यादव ने कार्यालय पहुंचकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का प्रयास किया, लेकिन वे खुद को बचा नहीं पाए। राम सहाय यादव कई साल से जिलाध्यक्ष थे।
Updated on:
24 Nov 2018, 6:40 AM IST
Published on:
24 Nov 2018, 6:40 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.