28 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Ahmedabad: जाते-जाते दे गए जिंदगी का तोहफा, पति के ब्रेन डेड होने पर पत्नी ने किया अंगदान, 5 परिवारों को मिला नया जीवन

Organ Donation: ब्रेनडेड घोषित नडियाद निवासी 46 वर्षीय महेश के परिजनों ने अंगदान का फैसला कर पांच जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दिया। पति को खोने के दुख के बीच पत्नी अमिता की इस सहमति ने शोक की घड़ी में मानवता और परोपकार की अनूठी मिसाल पेश की है।
2 min read
Google source verification
Organ Donation

मरीज के परिजन। फोटो- पत्रिका

अहमदाबाद। नडियाद के एक परिवार ने अपने स्वजन को खोने के दुख के बीच ऐसा फैसला लिया, जिसने पांच अन्य परिवारों के लिए जिंदगी की नई उम्मीद जगा दी। 46 वर्षीय महेश के ब्रेन डेड होने के बाद उनकी पत्नी अमिता ने उनके अंगदान की सहमति दी। दुख की इस घड़ी में परिवार का यह फैसला परोपकार और मानवता की ऐसी मिसाल है, जो दूसरों को भी अंगदान के लिए प्रेरित कर सकता है।

डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित किया

खेड़ा जिले के नडियाद निवासी महेश लखमणी (46) के साथ 24 सितंबर को एक दुर्घटना हो गई। उन्हें गंभीर अवस्था में नडियाद स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें अहमदाबाद सिविल अस्पताल में रेफर किया गया। चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में यहां भी सुधार नहीं हुआ। आवश्यक चिकित्सकीय जांच और निर्धारित प्रोटोकॉल के बाद उन्हें ब्रेनडेड घोषित किया गया।

पत्नी ने अंगदान की सहमति दी

इस दुखद समय में सिविल अस्पताल की अंगदान टीम ने महेश की पत्नी अमिता को अंगदान के महत्व और इससे जरूरतमंद मरीजों को मिलने वाले जीवनदान के बारे में समझाया। पति को खोने के असहनीय दुख के बीच भी पत्नी ने अंगदान की सहमति दी। महेश के हृदय, लिवर, दो किडनी और एक पेंक्रियाज का दान प्राप्त हुआ। लिवर, दोनों किडनी और पेंक्रियाज को सिविल मेडिसिटी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिज एंड रिसर्च सेंटर (आइकेडीआरसी) अस्पताल तथा हृदय को यूएन मेहता अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपण के लिए भेजा गया है।

प्रत्येक अंगदान के पीछे प्रेरणादायी निर्णय

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने कहा कि प्रत्येक अंगदान के पीछे एक परिवार का बड़ा दुख और मानवता से जुड़ा औरों को प्रेरित करने वाला निर्णय होता है। समय पर काउंसलिंग, परिवार को समझाना और चिकित्सा टीमों के बीच समन्वय अंगदान की पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महेशभाई के परिवार ने दुख की घड़ी में अंगदान का जो निर्णय लिया है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है।

472 किडनी व 230 लिवर मिल चुके हैं दान में

डॉ. जोशी ने बताया कि अस्पताल में अब तक 256 ब्रेनडेड अंगदाताओं से 849 अंग प्राप्त हुए हैं। इनमें 230 लिवर, 472 किडनी, 24 पेंक्रियाज, 81 हृदय, 34 फेफड़े, छह हाथ और दो छोटी आंत शामिल हैं। इसके अलावा 204 नेत्र और 50 त्वचा सहित 254 ऊतकों का भी दान हुआ है। इस तरह अस्पताल में अब तक 1103 अंग और ऊतक दान में मिले हैं।