
ईओडबल्यू एसपी रोहन आनंद।
Ahmedabad. राजनीतिक दलों को मिले दान की जांच में सीआइडी क्राइम की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) दस्तावेजों का फोरेंसिक ऑडिट कराएगी। इसमें दान में दी गई राशि की रसीद, आंगडि़या के जरिए भेजे गए पैसों की रसीद, बैंक डिटेल, राजनीतिक दलों की रसीद और पार्टियों की ओर से भारत निर्वाचन आयोग को सौंपी गई ऑडिट रिपोर्ट शामिल हैं।
सीआइडी क्राइम (ईओडब्ल्यू) के पुलिस अधीक्षक रोहन आनंद ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि आयकर विभाग की ओर से की गई जांच में कई अहम खुलासे हुए। इसके बाद विभाग के अधिकारियों की ओर से सीआइडी क्राइम में इस संबंध में चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई। बीते तीन दिनों में दर्ज हुई इन प्राथमिकी में कहा गया है कि आयकर विभाग की ओर से दी गई दबिश में सामने आया कि कुछ लोग पंजीकृत अनऑथराइज्ड पॉलिटिकल पार्टी बनाकर लोगों से डोनेशन ले रहे हैं। इस पर दान देने वाले व्यक्तियों को आयकर विभाग की ओर से कर छूट का लाभ मिल रहा है।
रोहन आनंद ने बताया कि आयकर विभाग की जांच में सामने आया कि जिन पॉलिटिकल पार्टियों को मिले दान शंकास्पद लगे हैं। उनकी जांच में सामने आया कि यह राजनीतिक दल कोई भी राजनीतिक गतिविधि नहीं कर रही थीं। इतना ही नहीं इनकी ओर से आंगडि़या चैनल के जरिए दानदाताओं को पैसे वापस दिए जा रहे थे। दर्ज कराई कई चारों प्राथमिकी में सरकार को करीब 680 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान होने की बात कही गई है।
एसपी रोहन आनंद ने कहा कि इन मामलों में आयकर विभाग की ओर से उनके स्तर पर जांच की गई है। उसमें जो दस्तावेज सामने आए हैं, उन्हें सीआइडी क्राइम ईओडब्ल्यू भी जांच में रेकॉर्ड पर लेगी।
चूंकि यह मामला बड़े पैमाने पर पैसों के लेनदेन से जुड़ा है, इसके लिए इस मामले की जांच में मदद के लिए सीआइडी क्राइम सरकार से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की मांग करेगी।
एसपी के अनुसार इन चारों मामलों में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनकी तलाश जारी है। इन्हें जल्द पकड़ा जाएगा।
Updated on:
28 Sept 2026 10:02 pm
Published on:
28 Sept 2026 10:02 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
