
बीसलपुर बांध की डाउनस्ट्रीम में प्रस्तावित ब्रिज के स्पान का कार्य। फोटो: पत्रिका
मेवदाकलां। जयपुर, अजमेर और टोंक की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध की पहचान में अब आधुनिक इंजीनियरिंग का नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। बांध की डाउनस्ट्रीम बनास नदी पर प्रस्तावित एक्स्ट्रा-डोज्ड हैंगिंग ब्रिज क्षेत्र के आवागमन को सुगम करने के साथ पर्यटन की नई संभावनाएं भी खोल सकता है। करीब 144.21 करोड़ रुपए की सैद्धांतिक स्वीकृति वाली इस परियोजना के तहत पुल और एप्रोच रोड को मिलाकर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा मार्ग विकसित किया जाएगा।
प्रस्तावित पुल एक्स्ट्रा-डोज्ड पीएससी बॉक्स ब्रिज तकनीक पर आधारित होगा। इसमें केबल और विशेष संरचनात्मक व्यवस्था के जरिए पुल को मजबूती दी जाएगी। पुल में कुल 20 स्पान प्रस्तावित हैं। इनमें 144 मीटर का एक मुख्य स्पान, 72-72 मीटर के दो स्पान और 25-25 मीटर के 17 स्पान शामिल हैं। करीब 25 मीटर ऊंची संरचना की चौड़ाई लगभग 12 मीटर होगी।
परियोजना के तहत टोंक जिले में देवली की ओर 550 मीटर और टोडारायसिंह की तरफ 250 मीटर एप्रोच रोड प्रस्तावित है। पुल के दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े फुटपाथ तथा आकर्षक रोशनी की व्यवस्था भी योजना में शामिल है। इससे वाहनों के साथ पैदल आवागमन भी सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है।
बीसलपुर बांध की डाउनस्ट्रीम बनास नदी में बारिश के दौरान पानी की आवक बढ़ने अथवा बांध के गेट खुलने पर नदी क्षेत्र के रास्ते प्रभावित होते रहे हैं। इससे देवली, टोडारायसिंह सहित आस-पास के गांवों के लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ता है। उच्च स्तरीय पुल बनने के बाद बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।
सार्वजनिक निर्माण विभाग की निविदा के अनुसार परियोजना की टेंडर वैल्यू करीब 111.63 करोड़ रखी गई थी। निर्माण की निर्धारित अवधि 730 दिन है। परियोजना स्थल बीसलपुर बांध की डाउनस्ट्रीम बनास नदी में इंटेक पंप हाउस के पास प्रस्तावित है। हालांकि, निर्माण की मौजूदा प्रगति और समयसीमा की विभागीय पुष्टि किया जाना जरूरी है।
बीसलपुर बांध की जलराशि, तक्षकगिरी की पहाड़ियां और प्राकृतिक वातावरण पहले से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। प्रस्तावित पुल की आधुनिक बनावट, केबल आधारित संरचना और रात्रिकालीन रोशनी इसे पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान दे सकती है। पुल बनने से आस-पास पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है। इस परियोजना से बीसलपुर को पेयजल स्रोत और बांध की पहचान के साथ आधुनिक सड़क संपर्क व पर्यटन का नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
Updated on:
06 Oct 2026 11:41 am
Published on:
06 Oct 2026 11:40 am
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