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RPSC : अभ्यर्थी उठा रहे सवाल, आयोग ने किया नियुक्तियों से इन्कार
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RPSC : अभ्यर्थी उठा रहे सवाल, आयोग ने किया नियुक्तियों से इन्कार

-शिक्षक भर्ती 2004 का मामला
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अजमेर

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Preeti Bhatt

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Updated: 16 Jan 2020, 3:16 PM IST

अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (Rajasthan Public Service Commission) की ओर से आयोजित शिक्षक भर्ती 2004 (Teacher recruitment 2004) में भर्तियों को लेकर जहां वंचित अभ्यर्थियों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं वहीं आयोग ने साफ कर दिया है कि किसी भी अभ्यर्थी (Candidate) को आयोग के स्तर पर नियुक्ति नहीं मिलेगी।

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यह है अभ्यथियों का आरोप

शिक्षक भर्ती 2004 में वंचित अभ्यर्थी पिछले 15 साल से नियुक्ति के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि उक्त भर्ती में आयोग की ओर से मनमर्जी का आरक्षण प्रावधान लागू करके हॉरिजेंटल में 2354 महिलाओं को अधिक पोस्टिंग दे दी, जबकि इन पदों पर पुरुष अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जानी थी।

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यह दिया आयोग ने जवाब

आयोग ने अभ्यर्थियों को भेजे जवाब में लिखा है कि तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2004 में रिक्त रहे पदों के विरुद्ध समय-समय पर परिणाम जारी किए गए। कार्मिक विभाग के आदेश पर नया विज्ञापन जारी होने के बाद पुरानी भर्ती प्रक्रिया स्वत: ही समाप्त हो जाती है और नया विज्ञापन 2006 में ही जारी किया जा चुका है। आयोग ने लिखा है कि इस संबंध में दायर रिव्यू याचिका भी खारिज की जा चुकी है। आयोग का यह भी कहना है कि एक अभ्यर्थी को कोर्ट के आदेश पर नियुक्ति दी गई है, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस नियुक्ति को नजीर नहीं माना जाए।

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गुमराह कर रहा आयोग

इस संबंध में चयनित बेरोजगार तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती -2004 संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि आयोग बेरोजगारों और सरकार को गुमराह कर रहा है। संघर्ष समिति के मुकेश त्रिवेदी, लालचंद शर्मा आदि ने कहा कि एक तरफ आयोग ने 2019 में प्रतीक्षा सूची जारी कर एक अभ्यर्थी को नियुक्ति दी है, दूसरी तरफ 2354 महिलाओं की अधिक नियुक्ति की गलती को छुपा रहा है। उन्होंने सवाल किया है कि 2004 की भर्ती प्रक्रिया समाप्त हो चुकी तो फिर 2011 में एक महिला को नियुक्ति कैसे दे दी गई। समिति का कहना है कि उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।

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