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Monsoon : इस बार जमकर बरसा मानसून, अजमेर हुआ तरबतर

राजस्थान सहित देश के कई प्रदेशों को जमकर भिगोया। अजमेर जिला तो सात साल बाद औसत बरसात के आंकड़े के पार पहुंचा।

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monsoon in ajmer

monsoon in ajmer

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

जिले और शहर को तरबरतर करने वाले मानसून (mosoon) की 122 दिन की अवधि खत्म हो गई। साल 2019 में मानसून ने तमाम कयासों-दावों को ध्वस्त कर दिया। इसने राजस्थान सहित देश के कई प्रदेशों को जमकर भिगोया। अजमेर जिला तो सात साल बाद औसत बरसात (heavy rian in ajmer) के आंकड़े के पार पहुंचा। हालांकि बरसात का दौर अक्टूबर में रहेगा, लेकिन अब होने वाली बरसात मानसून (monsoon in india) की नहीं मानी जाएगी।

मानसून की अवधि 1 जून से 30 सितम्बर (122 दिन) तक मानी जाती है। इसमें आषाढ़, सावन,भादौ और आसौज माह प्रमुख होते हैं। इस बार मानसून की सक्रियता से पहले मौसम विभाग (dept of meteriology), स्काईमेट (skymet) सहित कई संस्थाओं ने अलनिनो (alnino) प्रभाव के चलते कम बरसात की आशंका जताई थी। लेकिन मानसून ने 5 जुलाई से 30 सितंबर के दौरान झमाझम बरसात (rain in ajmer) से तमाम धावों को ध्वस्त कर दिया।

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कब-कब कितनी अच्छी बरसात (barsat)
89.2 मिलीमीटर- 5 से 24 जुलाई तक 160.72 मिलीमीटर
-कुल बरसात 157.83 मिलीमीटर
318.55 मिलीमीटर-25 से 31 जुलाई
-कुल बरसात 217.02 मिलीमीटर
-1 से 18 अगस्त 316.80
19 से 31 अगस्त 600.50 मिलीमीटर
300 मिलीमीटर-1 से 8 सितंबर
25 मिलीमीटर-9 से 30 सितंबर
925.50 मिलीमीटर-कुल बरसात

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पांच मर्तबा खुले आनासागर (anasagar) के गेट
14 फीट-7 जुलाई 15 फीट
11 इंच-2 अगस्त
15 फीट-17 अगस्त
15 फीट 6 इंच-5 सितंबर
15 फीट 14 इंच-7 सितंबर

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भारतीय नीनो का रहा असर

इस बार मानसून की मेहरबानी की असली वजह भारतीय नीनो (indian nino) है। इसे इंडियन ओशियन डाइपोल भी कहा जाता है। जबकि मौसम विभाग और अन्य संस्थानों ने अलनिनो के चलते कम बरसात (low rainfall) के आसार जताए थे। संस्थानों का यह दावा (analysis) भारतीय नीनो के चलते गलत साबित हुआ है।

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