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अजमेर से ए.आर. रहमान का नाता, यहीं बसा लिया आशियाना

फिल्म के गीतों और संगीत से रहमान दुनिया के दिलों में पहुंच गए। उन्हें प्रतिष्ठित ग्रैमी अवार्ड नवाजा गया।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 30 Dec 2019, 8:38 PM IST

a.r. rehman

a.r. rehman

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

सुबह से शाम तक सिर्फ संगीत (music) की इबादत और सरगम के बीच रहने वाले ए. आर. रहमान किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। देश-विदेश में उनका संगीत लोगों के दिलों में रचता-बसता है। लोग उनके सूफियत (sufizm) और वेस्टर्न (western music) संगीत से जुड़ी धुनों- गीतों को हर वक्त गुनगुनाते हैं। संगीतकार और गायक रहमान का अजमेर से गहरा नाता है। उन्होंने गरीब नवाज के शहर में आशियाना भी बसाया है।

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6 जनवरी 1967 को जन्मे ए. आर. रहमान (A.R.Rehman) और संगीत एकदूसरे के पूरक हैं। संगीत भी मानो उनकी अंगुलियों पर थिरकता है। साल 2008 में आई फिल्म स्लम डॉग मिलेनियर (slum dog millenium) को कौन भूल सकता है। पूरी दुनिया में धूम मचाने वाली इस फिल्म के गीतों और संगीत से रहमान दुनिया के दिलों में पहुंच गए। उन्हें प्रतिष्ठित ग्रैमी अवार्ड (grammy award) नवाजा गया।

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अजमेर में धडक़ता है दिल
रहमान हिंदुस्तान (india) अथवा विदेश (oversease) के किसी कोने में रहें, लेकिन उनका दिल अजमेर में धडक़ता है। साल 2008 में उन्होंने ग्रैमी अवार्ड जीतने के बाद अजमेर (ajmer city) में बसने के बरसों पुराने ख्वाब को पूरा किया। उन्होंने कुंदन नगर में आलिशान मकान (residential house) खरीदा। वे जब भी अजमेर आते हैं, यहीं रहकर कुछ वक्त गुजारते हैं।

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गरीब नवाज में गहरी आस्था
रहमान की ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह (Garib nawaz dargah) में गहरी आस्था है। वे पिछले 20-25 साल से लगातार दरगाह (dargah visit) में हाजिरी देने आ रहे हैं। एक आम जायरीन की तरह वे दरगाह और आसपास के इलाकों में देखे जा सकते हैं। सही मायने में वे खुद गरीब नवाज के सूफी संगीत को सच्ची इबादत मानते हैं।

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