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plastic mukt ajmer : अब इस्तेमाल होने लगे पत्ते के दोने और कागज की थैलियां

चाट-पकौड़ी के दुकानदारों ने थर्माकॉल के दोनों को त्यागा कागज की थैलियों का भी होने लगा उपयोग
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अजमेर

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Heemanshu Dhawal

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Updated: 1 Oct 2019, 11:38 AM IST

plastic mukt ajmer : अब इस्तेमाल होने लगे पत्ते के दोने और कागज की थैलियां

plastic mukt ajmer : अब इस्तेमाल होने लगे पत्ते के दोने और कागज की थैलियां

अजमेर. देश में वन टाइम यूज प्लास्टिक को बंद करने की मुहिम और राजस्थान पत्रिका की आओ, अजमेर को प्लास्टिक मुक्त अभियान का असर अब दिखाई देने लगा है। आमजन अब जागरूक होने के साथ ही प्लास्टिक के नुकसान को समझना लग गया है। इसके कारण दुकानदार अब प्लास्टिक और थर्माकॉल के दोनों को त्याग कर पत्ते के दोनों और पॉलीथिन का त्याग कर कागज की थैलियों का उपयोग करने लगे है। शहर के अन्य दुकानदारों को भी इनसे सीख लेकर थर्माकॉल और प्लास्टिक के उत्पाद को छोडकऱ कागज की थैलियों और पत्ते के दोने-पत्तल का उपयोग करने चाहिए।

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राष्ट्रहित में पत्ते के दोनों का उपयोग

प्लास्टिक और थर्माकॉल के दोनो से पर्यावरण एवं स्वास्थ्य को नुकसान होता है। वन टाइम यूज प्लास्टिक को बंद करने की मुहिम चल रही है। इन सब को देखते हुए स्वयं के विवेक से ही पत्ते के दोनो का उपयोग करने लग गए है। हालांकि यह थर्माकॉल के दोनों से कुछ महंगे पड़ते है।

मोनीश चुण्डावत, नया बाजार चौपड़

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पत्ते के दोनों का अलग ही होता है टेस्ट

पहले पत्ते के दोनो का उपयोग होता था, लेकिन थर्माकॉल के दोने आने एवं सस्ता पडऩे के कारण इसका उपयोग शुरू कर दिया। थर्माकॉल से नुकसान और अखबारों में पढकऱ मैंने पत्ते के दोनों का उपयोग शुरू कर दिया। इसमें खाने का टेस्ट भी बदल जाता है।

मनोहर कुमार, आगरा गेट

कागज के थैली का उपयोग बढ़ा

पॉलीथिन पर सख्ती के कारण अब कागज की थैलियों का उपयोग बढऩे लग गया है। पॉलीथिन के उपयोग की मारामारी के चलते अब कागज की थैली काम में लेने लग गए है। इससे किसी प्रकार की परेशानी भी नहीं होती और यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा है।

शंकरलाल, ठेला चालक

कई दिनों से ले रहे काम

कागज की थैली हर आकार में मिल जाती है। पॉलीथिन पर सख्ती के कारण पिछले कुछ दिनों से कागज की थैली काम में ले रहे है। यह पर्यावरण के लिए भी अच्छी रहती है। ग्राहक के मांगने पर पॉलीथिन की थैली देने से मना कर देते है। इसके कारण कई ग्राहक लौट भी जाते है।

रामभाई, ठेला चालक