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संतवाणी…इन्द्रियों को वश में रखने से होता संयम, दुर्लभ धर्म है संयम

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अजमेर

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raktim tiwari

•

Updated: 21 Sep 2018, 10:30 AM IST

jain temple

संतवाणी...इन्द्रियों को वश में रखने से होता संयम, दुर्लभ धर्म है संयम

अजमेर.

संसार में संयम धर्म दुर्लभ है। पंाचो इन्द्रियों के दमन करने से संयम होता है। यह बात विधानाचार्य डॉ. आर. के. गोधा ने आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर भागचंद सोनी नगर में दसलक्षण पर्व के दौरान कही। उन्होंने कहा कि संयम धर्म दुर्लभ है। जो इसे प्राप्त कर उसे छोड देता है वह मूढ़ है। ऐसा जीव जरा और मरण के समूह में परिभ्रमण करता रहता है। वास्तव में कषायों के निग्रह करने, तप के धारण और परित्याग के विचार भाव से संयम होता है ।

संजय कुमार जैन ने बताया कि सुबह नित्य अभिषेक, के बाद भगवान आदिनाथ, वासुपूज्य, चन्द्रप्रभु की वृहद शान्तिधारा हुई। पूनमचंद जैन, हीराचंद मनोज कासलीवाल, दिनेष मित्तल और विजय कासलीवाल, राबिन कुचामन वाले परिवार को सौभाग्य प्राप्त हुआ। दसलक्षण धर्म महामंडल विधान पूजन हुई ।

सुमेरचंद बज, मेवालाल मित्तल, कमल बाकलीवाल, शान्तिलाल पाटनी, हितेन्द्र पाटोदी , सुनील जैन और अन्य मौजूद थे। शाम को 108 दीपक से सामूहिक आरती हुई। भक्तामर पाठ व स्वाध्याय के अलावा सोनीनगर महिला मंडल के तत्वावधान में सामूहिक अन्ताक्षरी हुई। प्रथम पुरस्कार सुलोचना गोधा टीम और द्वितीय सीमा जैन ग्रुप को मिला। संचालन सीमा कासलीवाल, मोनिका जैन ने किया ।

हार्ड कॉपी जमा कराई

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के स्थाई कुलपति पद के लिए शिक्षकों ने हार्ड कॉपी जमा कराई। अब कुलपति सर्च कमेटी की बैठक होगी। इसमें आवेदनों पर विचार किया जाएगा।प्रो. विजय श्रीमाली का बीती 21 जुलाई को निधन होने के बाद से महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति नहीं है।

बांसवाड़ा के गोविंद गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी फिलहाल अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाले हुए है। विश्वविद्यालय ने 15 सितम्बर तक कुलपति पद के लिए आवेदन मांगे थे। इसके तहत 70 वर्ष से कम उम्र, दस साल का अध्यापन और शोध और किसी प्रशासनिक संस्थान में कामकाज का अनुभव रखने वाले प्रोफेसर-शिक्षाविदों ने आवेदन किए।

हार्ड कॉपी जमा कराने की अंतिम तिथि थी।अब होगी कमेटी की बैठककुलपति सर्च कमेटी की बैठक जल्द होगी। इसमें राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. के. कोठारी राज्य सरकार के प्रतिनिधि, यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश राजभवन के प्रतिनिधि बनाए गए हैं। इसी तरह कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रो. बी. बी. छीपा मदस विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल द्वारा नामित प्रतिनिधि और प्रो. जी. सी. सक्सेना यूजीसी के प्रतिनिधि बनाए गए हैं।

कमेटी आवेदनों पर विचार कर तीन या पांच नाम का पैनल बनाकर सरकार और राजभवन को सौंपेगी।अब तक यह रहे कुलपति प्रो. रामबलि उपाध्याय, प्रो. कांता आहूजा, डॉ. पी. एल. चतुर्वेदी, प्रो. डी. एन. पुरोहित, प्रो. एम. एल. छीपा, प्रो. भगीरथ सिंह, प्रो. रूपसिंह बारेठ, प्रो. कैलाश सोडाणी और प्रो. विजय श्रीमाली